श्रीडूंगरगढ़ ONE 19 जनवरी 2026। गुरू हंसोजी धाम लिखमादेसर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा का दूसरे वार्षिक महोत्सव के तहत सोमवार को सप्त दिवसीय भागवत कथा प्रारंभ हुई। कथा के पहले दिन कथा वाचक दंडी स्वामी शिवेंद्र जी महाराज ने आत्मदेव ब्राह्मण व उनकी पत्नी धुंधली के दो पुत्र गोकर्ण व दुष्ट धुंधकारी की कथा सुनाई। महाराज ने कथा प्रसंग के माध्यम से अहंकार नहीं करने व दुष्प्रवृत्तियों का त्याग करने का संदेश दिया। महाराज ने कथा माहात्म्य बताते हुए कथा श्रवण को मोक्ष का मार्ग बताया। कथा में पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ आए। कथा से पहले सुबह कलश यात्रा निकाली गई जिसमें सोमवार को कथा के मुख्य यजमान रहें गुमाननाथ परिवार सहित शामिल हुए। कलश यात्रा हंसोजी मंदिर प्रांगण से रवाना हुई व ठाकुरजी मंदिर से होते हुए कथा स्थल पर पहुंच कर संपन्न हुई। कलश यात्रा में गाजे बाजे के साथ रथ पर संत सोमनाथजी महाराज, महंत भंवरनाथजी व यज्ञाचार्य बृजमोहन जी, कथा वाचक शिवेद्र जी महाराज सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाओं के विशाल समूह ने मंगल कलश लिया व यात्रा में शामिल हुई। आयोजक समिति के सदस्यों ने बताया कि कथा दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक होगी तथा 25 जनवरी को कथा विश्राम से पूर्व सुबह सवा दस बजे नवनिर्माण का लोकार्पण समारोह भी होगा।