कस्बे के वार्ड नं. 29 स्थित हरिराम बाबा मंदिर में 27वां विशाल मेला आयोजित किया गया। आडसर बास स्थित इस मंदिर में सुबह 5 बजे अखंड ज्योत प्रज्वलित की गई। मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया, जो वातावरण को और भी दिव्य बना रहा था। मंदिर के पुजारी श्रवण कुमार शर्मा और पंडित कृष्ण शर्मा ने विशेष पूजा-अर्चना की और बाबा का मनमोहक श्रृंगार किया। रात भर चले जागरण में भक्तिमय भजनों की मधुर ध्वनियों से वातावरण गूंजता रहा। श्रद्धालु बाबा के जयकारों के साथ भक्ति में सराबोर होकर नाचते रहे।
उधर, नागौर जिले के झोरड़ा धाम में बाबा हरिरामजी महाराज की पावन स्थली पर भी भक्तों का जनसैलाब उमड़ा। यहाँ चार दिवसीय मेले का आयोजन किया गया, जिसकी शुरुआत अखंड ज्योत और विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुई। भक्तों ने बाबा को लड्डू, बताशे, पेड़े और नारियल का प्रसाद अर्पित किया और जहरीले जीव-जंतुओं से रक्षा की कामना की। रात्रि में आयोजित विशाल जागरण में ख्यातनाम कलाकारों ने बाबा के भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं।
प्रशासन ने मेले और जागरण को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। पुलिसकर्मी चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
देराजसर गांव में भी बाबा हरिरामजी का मेला धूमधाम से मनाया गया। पुजारी गोपाराम परिवार ने विशेष पूजा-अर्चना कर अखंड ज्योत प्रज्वलित की। रात्रि जागरण में काकड़ा के जगदीश दास एंड पार्टी ने भजनों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। आसपास के कई गांवों से हजारों लोग पहुंचे और सुख-समृद्धि की कामना की।
सिर्फ श्रीडूंगरगढ़ ही नहीं, बल्कि जोधासर नखत बन्ना मंदिर, सातलेरा, सेरूणा, बिग्गा, गुसाईसर, नारसीसर, तेजरासर समेत पूरे अंचल में भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। सातलेरा में रात को विशाल जागरण का आयोजन हुआ, जिसमें जोधपुर से आए कलाकारों ने बाबा के भजन गाकर भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
गौरीशंकर शर्मा ने बताया कि ऋषि पंचमी पर बाबा हरिरामजी महाराज और नखत बन्ना के मेले केवल उत्सव नहीं हैं, बल्कि आस्था का संगम हैं, जहाँ हर वर्ग का इंसान एक साथ जुटकर श्रद्धा व्यक्त करता है। यह मेले सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक हैं, जो समाज को एक सूत्र में बांधने का काम करते हैं।