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किसान सभा ने किया प्रदर्शन, दी आंदोलन की चेतावनी

श्रीडूंगरगढ़, 3 सितंबर 2025। श्रीडूंगरगढ़ के किसानों के लिए ये समय कुछ तनाव भरा है। एक तरफ उनकी फसल पकने को तैयार है, तो दूसरी तरफ बिजली विभाग बकाया बिलों की वसूली में जुटा है। विभाग द्वारा खेतों से ट्रांसफार्मर उतारने की कार्रवाई से किसानों में खासा रोष है।

बुधवार को अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान एकजुट होकर बिजली विभाग के एक्सईएन कार्यालय पहुंचे और इस कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया। किसानों का कहना था कि विभाग बकाया बिलों की वसूली के नाम पर पुलिस बल के साथ उनके खेतों में पहुंच रहा है और उन्हें डरा-धमका कर ट्रांसफार्मर उतार रहा है। उनका आरोप है कि यह कार्रवाई ऐसे समय में की जा रही है जब फसल पकने के कगार पर है और उन्हें सिंचाई की सख्त जरूरत है।

किसान सभा के नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसान बिल चुकाने के लिए तैयार हैं, लेकिन विभाग को भी अपनी मनमानी छोड़कर उनके साथ मानवीय व्यवहार करना होगा। उन्होंने विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ट्रांसफार्मर उतारने की कार्रवाई नहीं रोकी गई तो आगामी सोमवार को विभाग का घेराव किया जाएगा।

बात यहीं खत्म नहीं हुई। किसान एक्सईएन कार्यालय से सीधे उपखंड कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने उपखंड अधिकारी शुभम शर्मा से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में किसानों ने गोजा लट व कातरे से उनकी फसल को हुए नुकसान का जिक्र करते हुए स्पेशल गिरदावरी करवाने की मांग की।

किसानों का कहना है कि कीटों के प्रकोप से उनकी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने उपखंड अधिकारी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और नुकसान का आकलन करवाकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।

किसान सभा के सदस्यों ने किसानों की समस्याओं पर ध्यान न देने पर व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी है। इस दौरान माकपा तहसील सचिव मुखराम गोदारा, किसान सभा तहसील अध्यक्ष भंवरलाल भुवाल, सचिव राजेंद्र जाखड़, देवीसिंह भाटी और सरपंच सुनील सहित कई प्रमुख किसान नेता और ग्रामीण मौजूद रहे।

किसानों और प्रशासन के बीच जारी इस तनातनी का नतीजा क्या होगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन फिलहाल, श्रीडूंगरगढ़ के किसान अपनी फसल और अपने हक के लिए संघर्ष करने को तैयार हैं।

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