दानदाताओं की उदारता की कहानी कुछ इस प्रकार है: धीरदेसर चोटियान के शेराराम चोटिया (पुत्र आदुराम), इन्दपालसर गुसांईसर के पुराराम भादू (पुत्र लाखुराम) और लखासर के सांवतराम खिलेरी प्रत्येक ने 2,81,000/- रुपये की लागत से एक-एक कमरा मय सुविधा बनाने का संकल्प लिया। बिग्गा के भागूराम जाखड़ (पुत्र चेतनराम) ने 201000 रुपये की लागत से एक विशाल जलकुंड बनवाने का बीड़ा उठाया।
सुरक्षा की दृष्टि से, बेनीसर निवासी हिमताराम जाखड़ (पुत्र ज्ञानाराम) ने छात्रावास में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए 1,25,000/- रुपये का सहयोग देने की घोषणा की। पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा ने एक जरूरतमंद बालिका का पूरा खर्च उठाने की जिम्मेदारी ‘बालिका गोद योजना’ के तहत ली।
इसके अतिरिक्त, कल्याणसर पुराना के पेमाराम महिया (पुत्र मालूराम), मोमासर के पूर्व प्रधान दुलाराम भाम्भू (जिनकी स्मृति में उनके पुत्र रणजीत भाम्भू ने सहयोग राशि प्रदान की), और मोमासर के दिवंगत सुगनाराम भाम्भू (जिनकी स्मृति में उनके पुत्र, पूर्व सरपंच जेठाराम भाम्भू ने दान दिया) ने 101000/- रुपये का सहयोग देने की घोषणा की। बिग्गाबास रामसरा के कन्हैयालाल सिहाग की स्मृति में उनके पुत्र सीताराम सिहाग ने भी उदारतापूर्वक योगदान दिया। मोमासर के तेजाराम सेरडिया (पुत्र जैसाराम) ने 31 हजार रुपये की सहयोग राशि अर्पित की।
इसके अलावा, धीरदेसर चोटियान के दयालाराम चोटिया (पुत्र भैराराम), लिखमीसर दिखणादा के पन्नालाल डेलू (पुत्र खेताराम), आडसर के गोपालराम तरड़ (पुत्र हेतराम), लखासर के लालूराम खिलेरी (पुत्र गणपतराम), लिखमीसर दिखणादा के अमराराम डेलू (पुत्र शिवनाथ), लिखमीसर दिखणादा के हरिराम डेलू (पुत्र बुधरराम), लिखमीसर दिखणादा के रामलाल डेलू (पुत्र पोकरराम), लिखमीसर दिखणादा के परमेश्वरलाल डेलू (पुत्र पूर्णाराम), लिखमीसर के विजयपाल डेलू (पुत्र लिछमणराम), लिखमीसर दिखणादा के लिछमणराम कुकणा (पुत्र रामेश्वरलाल), धीरदेसर चोटियान के गंगाराम सहू (पुत्र जेठाराम) ने शेराराम नैण (पुत्र मरामराम, बिंझासर) की स्मृति में उनके पुत्र भैराराम नैण के माध्यम से सहयोग राशि प्रदान की। उदरासर के मालाराम गोदारा (पुत्र भंवरलाल) ने भी अपना योगदान दिया।
कार्यक्रम में भोजन एवं प्रसादी व्यवस्था के सहयोगी सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक डालूराम कस्वां रहे।
छात्रावास मैनेजमेंट एडवोकेट श्याम सुन्दर आर्य और मंत्री सुशील सेरडिया ने सभी दानदाता परिवारों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि यह सहयोग बालिका शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति लाएगा और बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। यह घटनाक्रम न केवल दान की महिमा को दर्शाता है, बल्कि क्षेत्र में शिक्षा के प्रति लोगों की गहरी निष्ठा को भी उजागर करता है।