इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में राजस्थान की ओर से सामाजिक लेखा परीक्षा जवाबदेही एवं पारदर्शिता सोसायटी, राजस्थान के निदेशक सांवरमल वर्मा उपस्थित थे। राज्य संसाधन व्यक्ति मोहम्मद इक़बालुद्दीन ने सामाजिक अंकेक्षण में हासिल की गई उपलब्धियों, सामने आने वाली चुनौतियों और उनके समाधानों पर एक प्रभावशाली प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया।
लेकिन इस पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण बीकानेर जिले से शुरू हुई एक नई पहल रही। जिला संसाधन व्यक्ति नन्दलाल शर्मा (जिला परिषद, बीकानेर) द्वारा विकसित एक सोशल ऑडिट वेबसाइट ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस वेबसाइट को सामाजिक अंकेक्षण को सरल, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना गया। बाबुलाल गर्ग ने इस पहल की जानकारी दी।
राज्य के 66 जिला संसाधन व्यक्तियों में से राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व के लिए केवल नन्दलाल शर्मा का चयन हुआ। राज्य स्तर से इक़बालुद्दीन और जिला स्तर से नन्दलाल शर्मा – दोनों को ही मंच पर अपनी बात रखने का अवसर मिला।
निदेशक वर्मा ने इस नए विचार की प्रशंसा करते हुए इसे जल्द ही पूरे प्रदेश में लागू करने की बात कही। नन्दलाल शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि “यह मेरे और मेरे वरिष्ठजन मोहम्मद इक़बालुद्दीन दोनों के लिए गर्व का क्षण है कि हमें राष्ट्रीय मंच पर राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने और अपने नवाचार को साझा करने का अवसर मिला।” यह न केवल उनके लिए बल्कि पूरे राजस्थान के लिए एक गौरव का क्षण था।