श्रीडूंगरगढ़, 29 अगस्त, 2025। राजस्थान की मरुभूमि में आस्था का एक जीवंत रंग भरने वाला है। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर श्रीडूंगरगढ़ के बिग्गा स्थित विश्व रक्षक बाबा भैरव देव के पावन धाम में भक्तों का सागर उमड़ने को आतुर है। दो दिवसीय विशाल मेले की तैयारियां पूरे उत्साह के साथ चल रही हैं, मानो प्रकृति भी इस आध्यात्मिक उत्सव में शामिल होने को लालायित हो।
मंदिर परिसर को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है, हर कोने में भक्ति और श्रद्धा का रंग बिखेरा जा रहा है। भक्तों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मंदिर के पुजारी भगवानाराम सेवग ने बताया कि बाबा भैरव देव को समर्पित रुद्राभिषेक का क्रम 22 अगस्त से ही जारी है, जो अनवरत 5 सितंबर तक चलेगा। यह अभिषेक, मानो प्रकृति और परमात्मा के बीच एक अटूट संबंध स्थापित करने का प्रयास है।
4 सितंबर की रात्रि एक विशेष अवसर होगी, जब बिण पर भव्य जागरण का आयोजन किया जाएगा। अड़सीसर की विनोद एंड पार्टी अपनी मधुर वाणी से बाबा भैरव देव का गुणगान करेगी, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठेगा।
5 सितंबर की रात, एक अद्भुत दृश्य उपस्थित होगा, जब रात्रि 10 बजे भक्तजन मिलकर सामूहिक महारुद्राभिषेक करेंगे। यह सामूहिक अनुष्ठान, एकता और समर्पण का प्रतीक होगा।
6 सितंबर को सुबह 10:30 बजे बाबा की महाआरती होगी, जिसमें 101 किलो रोटे का भोग अर्पित किया जाएगा। यह भोग, श्रद्धा और कृतज्ञता का प्रतीक होगा। इसके बाद रात्रि में विशाल जागरण होगा, जिसमें नागौर के महावीर सांखला एंड पार्टी भक्ति गीतों से माहौल को और भी अधिक भक्तिमय बना देंगे।
ग्रामवासियों और समिति के सदस्य मेले की तैयारियों में दिन-रात जुटे हुए हैं। आसपास के गांवों से हजारों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जो बाबा भैरव देव के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करने के लिए उत्सुक हैं। यह मेला, न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और भाईचारे का भी प्रतीक है।