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29 अगस्त 2025 का पंचांग साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य विष्णुदत्त शास्त्री के साथ

आज, श्रीडूंगरगढ़ में, दिन की शुरुआत पंचांग के महत्व के साथ हुई। श्री गणेश की वंदना के बाद, पंचांग के श्रवण और पठन के महत्व को रेखांकित किया गया, जिसमें तिथि से माँ लक्ष्मी की कृपा, वार से आयु वृद्धि, नक्षत्र से पाप नाश, योग से प्रियजनों का प्रेम और करण से मनोकामनाओं की पूर्ति का वर्णन है।

आज का पंचांग, जो श्रीडूंगरगढ़ के समय के अनुसार है, बताता है कि तिथि षष्ठी है, जो शाम 08:23 तक रहेगी। नक्षत्र स्वाति 11:39 AM तक है। करण कौलव, तैतिल सुबह 07:10 तक रहेगा। पक्ष शुक्ल है और योग ब्रह्म दोपहर 02:13 तक है। आज वार शुक्रवार है।

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति की बात करें तो सूर्योदय 06:10 AM पर हुआ और सूर्यास्त 06:58 PM पर होगा। चंद्रोदय 11:30 AM पर होगा और चंद्रास्त 10:14 PM पर होगा। चंद्रमा तुला राशि में है और चन्द्र वास पश्चिम दिशा में है। वर्तमान ऋतु शरद है।

हिन्दू मास और वर्ष के अनुसार, शक सम्वत 1947 विश्वावसु है, काली सम्वत 5126 है और विक्रम सम्वत 2082 है। मास अमांत भाद्रपद और मास पूर्णिमांत भाद्रपद है। दिन काल 12:48:20 का है।

दिन में शुभ और अशुभ समय भी बताए गए हैं। अभिजीत मुहूर्त 12:09 PM से 01:00 PM तक रहेगा। वहीं, दुष्टमुहूर्त, कंटक, यमघण्ट, राहु काल, कुलिक, कालवेला / अर्द्धयाम और यमगण्ड जैसे अशुभ समय भी बताए गए हैं, जिनमें कुछ विशेष कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है। दिशा शूल पश्चिम दिशा में है, इसलिए इस दिशा में यात्रा करने से पहले विचार करने की सलाह दी जाती है।

ताराबल और चन्द्रबल की गणना भी दी गई है, जो विभिन्न नक्षत्रों और राशियों के लिए शुभ फलदायी हैं।

आज के दिन के लिए चोघड़िया भी बताए गए हैं, जो दिन और रात के विभिन्न समयों के लिए शुभ और अशुभ मुहूर्त दर्शाते हैं।

लग्न तालिका के अनुसार, विभिन्न लग्नों का समय भी दिया गया है, जिससे लोग अपने कार्यों को शुभ समय में कर सकें।

पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री ने आज के दिन को मंगलमय बनाने के लिए कुछ उपाय भी बताए हैं। शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाने और उन्हें पीले चंदन का तिलक करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। श्री सूक्त, महालक्ष्मी अष्टकम और माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ करने से धन लाभ और संकटों से मुक्ति मिलती है। माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना भी शुभ माना जाता है। शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में सुख, ऐश्वर्य और दाम्पत्य जीवन में सुख मिलता है।

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