एसडीएम मित्तल की संवेदनशीलता की सराहना, किया सम्मान।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। उपखंड अधिकारी उमा मित्तल को देर रात जारी तबादला सूची में उन्हें पीलीबंगा स्थानांतरण प्राप्त हुआ है। वे रविवार सुबह सेवा केंद्र मालू भवन में साध्वी संगीतश्रीजी एवं डॉ परमप्रभाजी के दर्शनार्थ पहुंची। मित्तल ने अध्यात्म की शरण में आने पर शांति व ऊर्जा मिलने की बात कही। साध्वीजी ने उन्हें मंगलपाठ सुनाया। उपखंड अधिकारी के रूप में मित्तल की संवेदनशीलता व कार्यों की अनेक मौजिज लोगों ने सराहना की। तेयुप से ऑक्सीजन प्रभारी अशोक झाबक ने दुपट्टे से मंत्री पीयूष बोथरा ने साहित्य भेंट देकर मित्तल का सम्मान किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष अंजू पारख, तेयुप कोषाध्यक्ष दीपक छाजेड़, पूर्व अध्यक्ष मनीष नौलखा सहित सहित अनेक श्रावक श्राविका समाज, जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, तेरापंथ युवक परिषद, अणुव्रत समिति आदि संस्थाओं के पदाधिकारीगण कार्यकर्ता व सदस्य शामिल रहें।
पुलिस चौकी बापेऊ में लगाए पौधे।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। रविवार को पुलिस चौकी बापेऊ में मिशन हरियालो राजस्थान के तहत पुलिस चौकी परिसर में प्रभारी रामस्वरूप पारीक की अगुवाई में पौधारोपण कार्यक्रम संपन्न हुआ। चौकी प्रभारी ने बताया कि गांव के जागरूक युवाओं ने श्रम सहयोग से करीब 75 पौधे चौकी परिसर में लगाए है। जिसमें खेजड़ी, पीपल, गुलमोहर, अमलतास के पौधे मुख्य है। यह पौधे ग्राम पंचायत बापेऊ द्वारा उपलब्ध करवाए गए। पौधारोपण में कैलाश नाथ, नरेश राजपुरोहित, महेंद्र सिंह, मोहनराम महिया, निशांत शर्मा, प्रदीप सिंह, नरपत, कैलाश, कालूराम सहित अनेक युवा उत्साह के साथ शामिल हुए।
रिड़ी में कब्रिस्तान में किया पौधारोपण।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। क्षेत्र के गांव रिड़ी में रविवार को हरित रिड़ी अभियान के तहत सक्रिय युवाओं ने कब्रिस्तान में पौधारोपण किया। इस दौरान अनेक पर्यावरण प्रेमी युवाओं ने श्रमदान किया। कब्रिस्तान मैदान परिसर में विभिन्न वृक्षों के पौधे लगाए गए व इनका संरक्षण करने की जिम्मेदारी भी युवाओं ने ली।
सक्रिय युवाओं ने बचाए गौवंश के प्राण।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। मोमासर बास में स्थित जोहड़ में रविवार सुबह एक गौवंश फंस गई। सक्रिय युवक आनंद जोशी, नारायाण जोशी, श्यामगिरी व मदन सोनी, रामसिंह, पार्षद पवन उपाध्याय, अर्जुन, रौनक, नितिन, राजकुमार सारस्वत सहित अनेक युवा एकत्र हुए। जरूरी सामान बटोरा गया और एकजुट होकर गौवंश को जोहड़ से निकाल कर उसके प्राण बचाए। सभी ने वाल्मिकी समाज का सहयोग के लिए आभार जताया। लोगों ने गौवंश के प्राण बचाने के की गई कड़ी मशक्कत की सराहना की।