प्रातःकाल का सूर्योदय नई आशाओं का संचार कर रहा है, वहीं सांध्य बेला में अस्त होता सूर्य दिवस के विश्राम का संकेत देगा। पंचांग, जो भारतीय कालगणना का अभिन्न अंग है, आज की तिथि, नक्षत्र, करण, योग और वार की जानकारी देता है।
मान्यता है कि पंचांग के श्रवण और पठन से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है, आयु में वृद्धि होती है, पापों का नाश होता है, प्रियजनों का प्रेम बना रहता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
आज के दिन, विशाखा नक्षत्र दोपहर तक रहेगा, जिसके बाद अनुराधा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। योग एन्द्र दोपहर बाद तक है।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आज अभिजीत मुहूर्त दोपहर में रहेगा, जिसे शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है। वहीं, राहुकाल और यमगण्ड जैसे अशुभ समय भी रहेंगे, जिनमें महत्वपूर्ण कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है।
शनिवार होने के कारण, आज पीपल के वृक्ष का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित जल चढ़ाने और दीपक जलाने से कुंडली की ग्रह बाधाएं दूर होती हैं। हनुमान चालीसा और गायत्री मंत्र का जाप भय को दूर करता है और बिगड़े कार्यों को बनाता है।
शिवपुराण के अनुसार, शनिदेव पिप्पलाद ऋषि का स्मरण करने वालों को पीड़ा नहीं देते। इसलिए, शनि की दशा से प्रभावित लोगों को पिप्पलाद ऋषि के नामों का जाप करने की सलाह दी जाती है।
आज ललिता सप्तमी भी है, जिसका विशेष धार्मिक महत्व है।