श्रीडूंगरगढ़ से आज, 28 अगस्त 2025, का पंचांग हमारे समक्ष है। यह मात्र एक तिथि-पत्र नहीं, बल्कि भारतीय ज्योतिषीय ज्ञान का सार है, जो हमारे दैनिक जीवन को शुभता और समृद्धि से जोड़ने का मार्ग दिखाता है।
पंचांग के अनुसार, आज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है, जो शाम 05:58 तक रहेगी। नक्षत्र चित्रा सुबह 08:44 तक विद्यमान रहेगा। ज्योतिष शास्त्र कहता है कि तिथि और वार के श्रवण मात्र से मां लक्ष्मी की कृपा और आयु में वृद्धि होती है। नक्षत्र, योग और करण के श्रवण से पापों का नाश होता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
आज सूर्योदय सुबह 06:10 पर हुआ और सूर्यास्त शाम 07:00 पर होगा। चंद्रमा तुला राशि में विराजमान हैं, और ऋतु शरद है, जो प्रकृति में बदलाव का संकेत है।
पंचांग में शुभ और अशुभ समय का भी विवरण है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:09 से 01:00 तक रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए उत्तम है। वहीं, राहु काल दोपहर 02:11 से 03:47 तक रहेगा, जिसमें किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को करने से बचना चाहिए।
ताराबल और चंद्रबल की गणना भी दी गई है, जो विभिन्न राशियों के लिए शुभ और अशुभ फल दर्शाती है।
पंचांग के अंत में, गुरुवार के दिन किए जाने वाले विशेष उपायों का उल्लेख है। ऐसा माना जाता है कि गुरुवार को कुछ कार्यों को करने से लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं, जबकि कुछ विशेष उपाय जैसे केले के पेड़ पर चने की दाल और हल्दी चढ़ाने से बृहस्पति देव प्रसन्न होते हैं और दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है।
यह भी उल्लेख है कि ऋषि पंचमी और संवत्सरी पर्व भी आज ही हैं, जो धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखते हैं।
पंडित प्रदत्त यह पंचांग, हमारे जीवन में ज्योतिष के महत्व को रेखांकित करता है और हमें शुभ कार्यों को करने और अशुभ समय से बचने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है। यह प्राचीन ज्ञान, आज भी हमारे जीवन को अर्थपूर्ण और समृद्ध बनाने में सहायक है।