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19 मार्च 2026 का पंचांग, साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।

श्रीडूंगरगढ़ श्रीडूंगरगढ़ ONE 19 मार्च 2026।श्री गणेशाय नम:

शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

आज का पंचांग

19 – Mar – 2026
Sri Dungargarh, India

पंचांग
तिथि :
अमावस्या 06:55 AM
प्रतिपदा 06:55 AM
नक्षत्र उत्तराभाद्रपद +04:05 AM
करण :
नाग 06:55 AM
किन्स्तुघ्ना 06:55 AM
पक्ष कृष्ण
योग शुक्ल +01:16 AM
वार गुरूवार

सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
सूर्योदय 06:39 AM
चन्द्रोदय चन्द्रोदय नहीं
चन्द्र राशि मीन
चन्द्र वास उत्तर
सूर्यास्त 06:44 PM
चन्द्रास्त 07:11 PM
ऋतु वसंत

हिन्दू मास एवं वर्ष
शक सम्वत 1947 विश्वावसु
कलि सम्वत 5127
दिन काल 12:04 PM
विक्रम सम्वत 2083
मास अमांत फाल्गुन
मास पूर्णिमांत चैत्र

शुभ और अशुभ समय
शुभ समय
अभिजित 12:17:59 – 13:06:18
अशुभ समय
दुष्टमुहूर्त 10:41 AM – 11:29 AM
कंटक 03:31 PM – 04:19 PM
यमघण्ट 07:28 AM – 08:16 AM
राहु काल 02:12 PM – 03:43 PM
कुलिक 10:41 AM – 11:29 AM
कालवेला या अर्द्धयाम 05:07 PM – 05:56 PM
यमगण्ड 06:39 AM – 08:10 AM
गुलिक काल 09:40 AM – 11:11 AM
दिशा शूल
दिशा शूल दक्षिण

चन्द्रबल और ताराबल
ताराबल
अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती
चन्द्रबल
वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, मीन

चोघडिया

शुभ 06:39:49 – 08:10:24
रोग 08:10:24 – 09:40:59
उद्वेग 09:40:59 – 11:11:34
चल 11:11:34 – 12:42:08
लाभ 12:42:08 – 14:12:43
अमृत 14:12:43 – 15:43:18
काल 15:43:18 – 17:13:53
शुभ 17:13:53 – 18:44:27
अमृत 18:44:27 – 20:13:44
चल 20:13:44 – 21:43:01
रोग 21:43:01 – 23:12:17
काल 23:12:17 – 24:41:34
लाभ 24:41:34 – 26:10:51
उद्वेग 26:10:51 – 27:40:07
शुभ 27:40:07 – 29:09:24
अमृत 29:09:24 – 30:38:40

लग्न तालिका

मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 06:30 AM समाप्त: 07:56 AM

मेष चर
शुरू: 07:56 AM समाप्त: 09:32 AM

वृषभ स्थिर
शुरू: 09:32 AM समाप्त: 11:28 AM

मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 11:28 AM समाप्त: 01:43 PM

कर्क चर
शुरू: 01:43 PM समाप्त: 04:03 PM

सिंह स्थिर
शुरू: 04:03 PM समाप्त: 06:20 PM

कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 06:20 PM समाप्त: 08:36 PM

तुला चर
शुरू: 08:36 PM समाप्त: 10:56 PM

वृश्चिक स्थिर
शुरू: 10:56 PM समाप्त: अगले दिन 01:14 AM

धनु द्विस्वाभाव
शुरू: अगले दिन 01:14 AM समाप्त: अगले दिन 03:19 AM

मकर चर
शुरू: अगले दिन 03:19 AM समाप्त: अगले दिन 05:02 AM

कुम्भ स्थिर
शुरू: अगले दिन 05:02 AM समाप्त: अगले दिन 06:30 AM

नव संवत्सर 2083 की हार्दिक शुभकामनाएँ

हिन्दू पंचांग के अनुसार साल 2026 में चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च गुरुवार को सुबह 6.55 AM मिनट से प्रारम्भ होगी जो अगले दिन शुक्रवार को 20 मार्च को तड़के सुबह 04.54 AM तक रहेगी तत्पश्चात द्वितीया तिथि लग जाएगी, अर्थात चूंकि प्रतिपदा तिथि का हास् हो रहा है इसलिए 19 मार्च गुरुवार से ही नव संवत्सर का प्रारंभ माना जाएगा, इसी दिन से चैत्र नवरात्रि का आरंभ भी हो जाएगा I

इस बार विक्रम संवत्सर 2083 का नाम रौद्र संवत्सर होगा, गुरुवार शुरू होने के कारण इसके राजा गुरु और मंत्री मंगल देव जी होंगे।

शास्त्रों के अनुसार नवसंवत्सर का आरंभ जिस वार से होता है, उस वार का अधिपति ग्रह ही उस संवत्सर का राजा कहलाता है।

चूँकि इस बार गुरुवार के दिन हिन्दू नववर्ष का प्रारम्भ हो रहा है, इसलिए इस संवत्सर के राजा गुरु बृहस्पति देव जी होंगे ।

आज ही के दिन से नवरात्री का भी प्रारम्भ हो जायेगा इस वर्ष माँ दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएंगी और भैसे पर सवार होकर जाएगी |
शास्त्रो में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को एक स्वयं सिद्ध अमृत तिथि माना गया है । यह दिन इतना शुभ माना गया है कि शास्त्रो में उल्लेखित है कि यदि इस दिन किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत की जाए या कोई संकल्प लिया जाए तो उसमें अवश्य ही सफलता मिलती है।

पण्डित श्रीडूंगरगढ़ ONE

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