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14 मार्च 2026 का पंचांग, साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य श्रीडूंगरगढ़ ONE के साथ।

श्रीडूंगरगढ़ श्रीडूंगरगढ़ ONE 14 मार्च 2026।श्री गणेशाय नम:शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

आज का पंचांग

14 – Mar – 2026
Sri Dungargarh, India

पंचांग
तिथि दशमी 08:14 AM
नक्षत्र उत्तराषाढ़ा +04:49 AM
करण :
विष्टि 08:14 AM
बव 08:14 AM
पक्ष कृष्ण
योग वरियान 10:41 AM
वार शनिवार

सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
सूर्योदय 06:45 AM
चन्द्रोदय +04:22 AM
चन्द्र राशि धनु
चन्द्र वास पूर्व
सूर्यास्त 06:41 PM
चन्द्रास्त 02:05 PM
ऋतु वसंत

हिन्दू मास एवं वर्ष
शक सम्वत 1947 विश्वावसु
कलि सम्वत 5127
दिन काल 11:56 AM
विक्रम सम्वत 2082
मास अमांत फाल्गुन
मास पूर्णिमांत चैत्र

शुभ और अशुभ समय
शुभ समय
अभिजित 12:19:41 – 13:07:26
अशुभ समय
दुष्टमुहूर्त 06:45 AM – 07:33 AM
कंटक 12:19 PM – 01:07 PM
यमघण्ट 03:30 PM – 04:18 PM
राहु काल 09:44 AM – 11:14 AM
कुलिक 07:33 AM – 08:20 AM
कालवेला या अर्द्धयाम 01:55 PM – 02:42 PM
यमगण्ड 02:13 PM – 03:42 PM
गुलिक काल 06:45 AM – 08:14 AM
दिशा शूल
दिशा शूल पूर्व

चन्द्रबल और ताराबल
ताराबल
भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
चन्द्रबल
मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुम्भ, मीन

चोघडिया

काल 06:45:28 – 08:14:59
शुभ 08:14:59 – 09:44:30
रोग 09:44:30 – 11:14:02
उद्वेग 11:14:02 – 12:43:33
चल 12:43:33 – 14:13:05
लाभ 14:13:05 – 15:42:37
अमृत 15:42:37 – 17:12:08
काल 17:12:08 – 18:41:39
लाभ 18:41:39 – 20:12:00
उद्वेग 20:12:00 – 21:42:20
शुभ 21:42:20 – 23:12:40
अमृत 23:12:40 – 24:43:00
चल 24:43:00 – 26:13:20
रोग 26:13:20 – 27:43:40
काल 27:43:40 – 29:14:00
लाभ 29:14:00 – 30:44:20

लग्न तालिका

कुम्भ स्थिर
शुरू: 05:21 AM समाप्त: 06:53 AM

मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 06:53 AM समाप्त: 08:15 AM

मेष चर
शुरू: 08:15 AM समाप्त: 09:51 AM

वृषभ स्थिर
शुरू: 09:51 AM समाप्त: 11:48 AM

मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 11:48 AM समाप्त: 02:02 PM

कर्क चर
शुरू: 02:02 PM समाप्त: 04:23 PM

सिंह स्थिर
शुरू: 04:23 PM समाप्त: 06:40 PM

कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 06:40 PM समाप्त: 08:56 PM

तुला चर
शुरू: 08:56 PM समाप्त: 11:15 PM

वृश्चिक स्थिर
शुरू: 11:15 PM समाप्त: अगले दिन 01:34 AM

धनु द्विस्वाभाव
शुरू: अगले दिन 01:34 AM समाप्त: अगले दिन 03:38 AM

मकर चर
शुरू: अगले दिन 03:38 AM समाप्त: अगले दिन 05:21 AM

।। आज का दिन मंगलमय हो ।।

शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।

शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पढने और गायत्री मन्त्र की एक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।

शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।

एकादशी व्रत कल

पण्डित श्रीडूंगरगढ़ ONE

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