प्यास से बेहाल हिरणी ने गवांए प्राण, करीब आधा दर्जन गांवो में बचाए अबोल के प्राण।
श्रीडूंगरगढ़ ONE 24 अप्रैल 2026। गर्मी का कहर बढ़ने के साथ अबोले जीवों पर भी प्यास का संकट मंडराने लगा है। ऐसे में गांव सांवतसर में प्यास से बेहाल एक हिरणी भागते हुए आई और एक स्कूल के दरवाजे पर दम तोड़ दिया। श्रीजंभेश्वर पर्यावरण एवं जीव रक्षा संस्था के मदनलाल लटियाल, आशीष, मनीष, विष्णु, विशाल धारणियां, भानुप्रताप द्वारा हिरणी का शव दफना कर अंतिम संस्कार किया गया। संस्था के सदस्यों ने बताया कि शुक्रवार को ही कोटासर की रोही में कुत्तों द्वारा घायल हिरण को समरसिंह, रघुवीरसिंह व मोनिका ने छुड़वाया व उसके प्राण बचाए। सांवतसर में संस्था प्रभारी सुनील राहड़, इंद्रपाल, विष्णु धारणियां ने एक घायल हिरण को रेस्क्यू किया। वहीं बादनूं रोही में एक हिरण को रेस्क्यू किया। तीनों घायल हिरणों को मुकाम रेस्क्यू सेंटर से गाड़ी द्वारा सुरक्षित पहुंचाया गया। वहीं रीड़ी में कुत्तों द्वारा घायल एक हिरण को जगदीशनाथ बलियारा की सूचना पर वन विभाग पहुंचाया गया। दुसारणा व भोजास की रोही में दो छोटे हिरण के बच्चों को संस्था सदस्यों द्वारा पानी पिलाकर उनके कुनबे तक सुरक्षित पहुंचाया गया। संस्था सदस्यों ने आमजन से अपने आस पास के वन क्षेत्रों में हिरणों सहित वन्य जीवों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था करने की अपील की है।
आपणो गांव सेवा समिति ने जैसलसर में पानी से भरी खेलें।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। गांव जैसलसर में पीएचईडी ट्यूबवेल करीब तीन माह से खराब पड़ा है। गांव की गुवाड़ में पशुओं की खेलें सुख गई व ग्रामीणों की सूचना पर आपणो गांव सेवा समिति ने जैसलसर में पशुओं की खेलों को टैंकरों द्वारा भरा। समिति सदस्यों ने बताया कि गत कई दिनों से प्रतिदिन खेलियों को समिति द्वारा भरवाया जा रहा है। सरपंच रामप्यारी देवी जाखड़ ने बताया कि गांव में एक पंचायत व एक जलदाय विभाग के ट्यूबवेल से घरों में पेयजलापूर्ति की जा रही है। वहीं गांव में मीठे पानी का पीएचईडी का एक ट्यूबवेल करीब तीन माह से खराब पड़ा है। ग्रामीण इसे दुरस्त कर गर्मी में पेयजलापूर्ति सुचारू करवाने की मांग कर रहें है।