बुधवार को आयोजित इस प्रतियोगिता में आसपास के इलाकों से कुल 18 टीमों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने अपने दमखम और खेल कौशल का प्रदर्शन किया। दर्शक पूरे दिन उत्साह से भरे रहे और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते रहे।
फाइनल मुकाबला श्री श्याम क्लब, श्रीडूंगरगढ़ और लिखमादेसर सीनियर टीम के बीच हुआ। दोनों टीमों ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन अंततः श्री श्याम क्लब ने बाजी मार ली और विजेता का खिताब अपने नाम किया। लिखमादेसर सीनियर टीम को उपविजेता के रूप में संतोष करना पड़ा। विजेताओं को नगद राशि और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।
इस प्रतियोगिता में एक युवा प्रतिभा ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। 13 वर्षीय रामप्रसाद, जो अनाजमंडी, श्रीडूंगरगढ़ का रहने वाला है, ने नेटर की भूमिका निभाई। अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उसे ‘बेस्ट नेटर’ के पुरस्कार से नवाजा गया। दर्शकों ने भी रामप्रसाद के खेल को सराहा और उसे नकद इनाम देकर प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्व. मदनलाल चौहान को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। सरपंच जसवीर सारण, रुघलाल तापड़िया, संतोष ओझा, लक्ष्मीनारायण सेवग, चंपालाल रेगर सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने चौहान के जीवन और समाज में उनके योगदान को याद किया। सभी ने उनके आदर्शों को अपनाने और समाज के लिए कुछ करने का संकल्प लिया।
चौहान परिवार ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ती है और उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। परिवार ने यह भी उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
यह प्रतियोगिता न केवल खेल का एक मंच थी, बल्कि यह स्व. मदनलाल चौहान को श्रद्धांजलि देने और उनकी स्मृति को जीवित रखने का एक अवसर भी थी। इस आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि खेल और समाज सेवा एक साथ मिलकर एक सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।