30 अगस्त, 2025। श्रीडूंगरगढ़ और राजलदेसर के बीच एक परिवार अपनी उम्मीदों के सहारे एक अनिश्चित राह पर चल रहा है। 56 वर्षीय मोहिनी देवी, जो मानसिक रूप से कुछ कमजोर हैं, अपने ससुराल सिमसिया से अपने पीहर उदरासर के लिए निकलीं, लेकिन न तो पीहर पहुंचीं और न ही ससुराल लौटीं। एक माँ, एक पत्नी, एक बहन, अचानक ही जैसे हवा में घुल गई।
शुक्रवार की सुबह 10 बजे, मोहिनी देवी ने अपने पति शैतानाराम जाट को बताया कि वो अपने मायके जा रही हैं। ये एक सामान्य दिन की शुरुआत थी, लेकिन किसे पता था कि नियति ने कुछ और ही लिख रखा है।
जब शाम तक मोहिनी देवी अपने पीहर नहीं पहुंचीं, तो परिवार में चिंता की लकीरें गहराने लगीं। अनहोनी की आशंका ने उन्हें बेचैन कर दिया। आखिरकार, उन्होंने राजलदेसर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस अपनी जांच में जुट गई है, लेकिन परिवार की बेचैनी कम होने का नाम नहीं ले रही।
मोहिनी देवी के परिजनों ने श्रीडूंगरगढ़ ONE के पाठकों से भी मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि मोहिनी देवी सीधी-सादी और भोली हैं, और उनकी मानसिक परेशानी का इलाज भी चल रहा है। ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर परिवार और भी चिंतित है।
परिवार ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी को भी मोहिनी देवी कहीं नज़र आएं, तो उन्हें रोकने और तुरंत उनके पति शैतानाराम जाट (9950266565) या भाई श्रीराम गोदारा (9672214487) को सूचना देने की कृपा करें।
ये सिर्फ एक गुमशुदगी की खबर नहीं है, ये एक परिवार की उम्मीदों और दुआओं का पुलिंदा है। ये एक माँ की तलाश है, एक पत्नी की वापसी की आस है, एक बहन की सलामती की प्रार्थना है। आइए, हम सब मिलकर इस परिवार की मदद करें और मोहिनी देवी को उनके घर तक पहुंचाने में अपना योगदान दें।