टेऊ सूडसर के पास एमडीआर सड़क बाईपास निकालने की मांग।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। सड़क सुधार संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने एमडीआर सड़क (298) को टेऊ सूडसर गांव से बाईपास निकाले करने की मांग की। कोडाराम भादू ने बताया कि उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर सुरेश यादव को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में बताया गया कि टेऊ सूडसर की जनसंख्या अधिक होने के कारण दोनो गांवो की बसावट बिल्कुल संकरी है। यदि गांव के बीच में से ये सड़क निकाली गई तो लोगों के घर टूटने की भी आशंका है। जिससे जन आक्रोश उत्पन्न होने की पूरी संभावना है। मंडल सदस्यों ने कहा कि इसी के साथ इस सड़क पर बड़ी गाड़ियां और तीव्र गति से चलने वाली गाड़ियों का आवागमन होगा। जिससे गांव में दुर्घटना की आशंका हर समय बनी रहेगी। आगामी समय को देखते हुए क्षेत्र के भावी विकास की दृष्टि से इस सङक को गांव के बाहर से निकाला जाना जरूरी है। प्रतिनिधिमंडल ने सड़क को गांव के पास रेलवे के फाटक संख्या 337 वह सूडसर के रेलवे फाटक संख्या 338 अंडर ब्रिज के पास से होकर गांव के बाईपास निकालने का सुझाव भी दिया। प्रतिनिधि मंडल में कोडाराम भादू, टेऊ सरपंच सुनील दुगरिया, जगदीश स्वामी व शेखर रेगर शामिल रहें।
टेऊ सूडसर के पास एमडीआर सड़क बाईपास निकालने की मांग।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। टेऊं सूडसर के कुआं चौपाल पर रामलीला मंचन के तीसरे दिन रविवार को सीता स्वयंवर का मंचन हुआ। मंचन मंडली जय मां भवानी श्रीरामायण प्रचारक मंडल काशी वाराणसी की प्रस्तुति से श्रद्धालु प्रभावित हुए और खूब जयकारे लगाए। नव वर्ष हिंदू धर्म आयोजन सेवा समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश सुथार ने रामलीला मंचन से स्वस्थ मनोरंजन होने व भगवान राम से जीवन चरित्र की प्रेरणा मिलने की बात कही। उन्होंने कहा कि हर घर से बच्चों को रामलीला में लाकर ये मंचन देखना चाहिए। सुथार ने नशे नाम के रावण का हर घर में दहन कर जीवन को उपयोगी बनाने की प्रेरणा दी गई। सुथार ने रामलीला मंचन के लिए 21 हजार रूपए, अशोक शर्मा ने 11 हजार रूपए का सहयोग दिया। समिति संयोजक रेवंत सैन भी मंच पर उपस्थित रहें। मंडली के संचालक पंडित प्रकाश चौरसिया व पंडित राजेश कुमार व्यास ने पूरे सहयोगकर्ताओं का आभार जताया।