डूंगरगढ़ one 14 अप्रैल, 2026 श्रीडूंगरगढ़। डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर राजकीय विधि स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बीकानेर में मंगलवार को “Relevance of Ambedkar’s Ideas in Modern India” विषय पर राष्ट्रीय स्तर का ऑनलाइन विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. डॉ. भगवाना राम बिश्नोई ने की।
प्राचार्य बिश्नोई ने अपने संबोधन में डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन, संघर्ष और उनके विचारों को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि अंबेडकर के सिद्धांत आज भी समाज को दिशा देने में सक्षम हैं।
आयोजन सचिव डॉ. मीनाक्षी कुमावत ने बताया कि अंबेडकर का संविधान निर्माण में योगदान अतुलनीय है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक समानता, न्याय और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं।
मुख्य वक्ता कर्नाटक के मैंगलोर से डॉ. शुभालक्ष्मी पी. ने अपने व्याख्यान में अंबेडकर को भारतीय संविधान का शिल्पकार बताते हुए उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने प्रारूप समिति में उनकी भूमिका, धार्मिक और नैतिक दर्शन के साथ-साथ श्रमिक अधिकारों, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में किए गए कार्यों को रेखांकित किया।
उन्होंने समाज सुधारिका सावित्रीबाई फुले का उल्लेख करते हुए सामाजिक समरसता पर जोर दिया और कहा कि सभी जातियों को समानता और एकता के साथ रहना चाहिए। व्याख्यान के अंत में विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए गए।
कार्यक्रम के अंत में आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. कुमुद जैन ने आभार व्यक्त किया। वेबिनार में करीब 100 विद्यार्थियों ने भाग लिया, वहीं विभिन्न संस्थानों के छात्र-शिक्षक भी जुड़े। अंत में सभी प्रतिभागियों को ई-प्रमाण पत्र वितरित किए गए।