श्रीडूंगरगढ़ ONE 24 जनवरी 2026। रविवार 25 जनवरी 2026 को प्रात: 9 बजे पश्चिमी राजस्थान के पहले भारतीय परंपरा अनुसार गुरूकुलीय पद्धति से प्रारंभ हो रहे आर्यस्थली गुरूकुलम् का विधिवत् उद्घाटन होगा। बेनीसर फांटा से आर्यस्थली मार्ग पर हाइवे के निकट स्थित गुरूकुल में उद्घाटन के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन होगा जिसमें गुरूकुल के विद्यार्थी मनमोहक प्रस्तुतियां देंगे। जिसमें विद्यार्थी सांस्कृतिक व शारीरिक प्रदर्शन करेंगे। गुरूकुल के निदेशक आर्य अमित स्वामी ने बताया कि सीकर के पूर्व सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती के सान्निध्य में आयोजित उद्घाटन सत्र में गंगानगर से गुरूकुल फतुही के आचार्य स्वामी सुखानंद सरस्वती, कोलायत के प्रसिद्ध व्याकरणाचार्य आचार्य शिवकुमार शास्त्री, आर्यवीर के राष्ट्रीय संचालक आचार्य नंदकिशोर शास्त्री लाडोत गुरुकुल, वैदिक प्रवक्ता आचार्य सानंद व आचार्य सुरेंद्र शामिल होंगे। स्वामी ने बताया कि गुरूकुल के विद्यालय आर्यस्थली विद्यापीठ में कक्षा नर्सरी से 10 वीं तक अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम से RBSC का शिक्षण करवाया जा रहा है वहीं वेद रीति नीति के अनुसार आवासीय गुरूकुलम् के विद्याथिर्यों को नित्य हवन, प्रात: संध्या वंदना, आसन प्राणायाम आदि, विभिन्न खेल भी खिलवाये जाते है। बाहरी विद्यार्थियों के लिए भी वैदिक परंपरा के साथ आधुनिक पाठ्यक्रम का अध्ययन आवासीय गुरुकुल में रहकर कराया जा सकेगा। स्वामी ने बताया कि आधुनिक शिक्षा के साथ पारंपरिक व वैदिक रीतियों का पालन करते हुए विद्यार्थी की मानसिक, शारीरिक और आत्मिक उन्नति के लिए प्रयत्न भी आचार्यों की देखरेख में पूर्ण समर्पण के साथ कराए जाएंगें। गुरूकुल के विद्यार्थियों को प्रकृति के समीप रहने, भोजन आहार की शुद्धता, मोबाइल पर प्रतिबंध, सामूहिक सामंजस्य व सहयोग की भावना, बुद्धिशील विद्वानों का समय समय पर मार्गदर्शन, विचारवान गोष्ठियां से भी प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। गुरूकुल के उद्घाटन समारोह की उत्साह के साथ व्यापक तैयारियां को आज अंतिम रूप दिया जा रहा है। समारोह में क्षेत्र के अनेक प्रमुख व गणमान्य लोग शामिल होंगे। विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों ने सभी नागरिकों व वैदिक शिक्षण के प्रति आकर्षण रखने वाले लोगों से उद्घाटन समारोह में शामिल होने का आग्रह किया है। अधिक जानकारी 7737444603 पर संपर्क कर सकते है।