श्रीडूंगरगढ़ निवासी जेठमल लालवानी, जो इलाज के लिए अस्पताल आए थे, की जेब से 6 हज़ार रूपए गायब हो गए। वहीं, धीरदेसर चोटियान से आए ईश्वर मेघवाल को भी 4 हज़ार रुपयों का नुकसान हुआ। दोनों ही मरीज़ों ने इस घटना की जानकारी अस्पताल के प्रभारी डॉ. एसके बिहाणी और जिला चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखकर दी है, और कार्रवाई की मांग की है।
यह कोई नई बात नहीं है। अस्पताल परिसर में चोरी की वारदातें आए दिन होती रहती हैं, जिससे मरीज़ और उनके परिजन परेशान हैं। अस्पताल प्रशासन और स्थानीय समाजसेवियों ने पहले भी कई बार यहां स्थायी पुलिस स्टाफ तैनात करने की मांग की है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। इस संबंध में पुलिस और स्थानीय प्रशासन को कई पत्र भी लिखे गए हैं। हालांकि, इन पत्रों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके चलते आम जनता को जेबकतरों के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीज़ और उनके परिजन अस्पताल प्रशासन से जल्द से जल्द उचित कदम उठाने की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि उन्हें इलाज के दौरान किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी संज्ञान लेता है और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाता है।