श्रीडूंगरगढ़, 28 अगस्त, 2025। श्रीडूंगरगढ़ में स्थित संत कर्मा बाई बालिका छात्रावास गुरुवार को एक विशेष अवसर का साक्षी बना। जाट समाज के विकास के लिए समाज के प्रबुद्धजन यहाँ एकत्रित हुए और बालिका शिक्षा को समाज के उत्थान की नींव बताया।
छात्रावास प्रांगण में आयोजित बालिका प्रवेश उत्सव एवं भामाशाह सम्मान समारोह में वक्ताओं ने छात्रावास को शिक्षा और संस्कारों का केंद्र बनाने की बात कही। यह समारोह एक आधुनिक रूपरेखा पर बने नवनिर्मित भवन में आयोजित किया गया था, जिसमें सहयोग करने वाले सभी भामाशाहों को सम्मानित किया गया।
समारोह की शुरुआत सुबह 7 बजे से 10 बजे तक हवन पूजन के साथ हुई, जिससे वातावरण में आध्यात्मिकता और सकारात्मकता का संचार हुआ। इसके बाद, हीरा देवी धर्मपत्नी चोखाराम बाना की स्मृति में निर्मित मुख्य प्रवेश द्वार का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया।
छात्रावास मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट श्याम सुन्दर आर्य ने समारोह की अध्यक्षता की। संस्था के मंत्री सुशील सेरडिया ने कार्यक्रम का संयोजन करते हुए संस्था का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने अब तक के कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और आगामी प्रस्तावित कार्यों की रूपरेखा भी रखी। नव प्रवेशित बालिकाओं का तिलक लगाकर स्वागत किया गया, जिससे उन्हें अपने नए शैक्षणिक जीवन में उत्साह और प्रेरणा मिली।
समारोह में, अब तक 3.09 करोड़ के कार्यों में सहयोगी रहे 185 भामाशाहों को प्रशस्ति पत्र, साफा एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया। एडवोकेट श्यामसुंदर आर्य ने सभी दानदाताओं का आभार प्रकट किया और उनके योगदान को समाज के लिए अमूल्य बताया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा, पूर्व प्रधान सुरजमल चौधरी, किशनाराम गोदारा, हरिराम बाना, हेतराम जाखड़, विवेक माचरा, साहित्यकार श्याम महर्षि, तुलछीराम गोदारा, पूर्व सरपंच लक्ष्मणराम खिलेरी, तुलसीराम चोरडिय़ा, सुभाष चौधरी, सोहन गोदारा, मास्टर प्रभुराम बाना, डॉ विवेक माचरा, नीरु चौधरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार व्यक्त किए। सभी वक्ताओं ने बालिका शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और छात्रावास के विकास में सहयोग करने वाले भामाशाहों की सराहना की।
कार्यक्रम में चेतनराम थालोड़, भीखाराम सांगवा, हड़मानाराम भाम्भू, केशुराम कस्वा, श्रवणराम जाखड़, सुखराम बाना, एडवोकेट इमिचन्द, डॉ एम पी बुडानिया, शारदा चोटिया, धाई देवी, मोडाराम तरड़, रामचन्द्र पोटलिया, भंवरलाल जानू, आदुराम जाखड़, विजयराज सेठिया, एस कुमार सिन्धी, रामचन्द्र राठी, दयानन्द सारण, रामेश्वरलाल गोदारा, पेमाराम गोदारा, रामचन्द्र गोदारा, शिवलाल गोदारा, डॉ शंकरलाल जाखड़, धर्मचंद सांगवा, भंवरलाल भोजक, धूड़ाराम डेलू, चांदराम चाहर, हरिराम बाना, तोलाराम कुम्भाराम घिंटाला, हेतराम जाखड़, कानाराम तरड़, मेघराज चोटिया, थानमल भाटी, पूनम नैण, सत्यनारायण स्वामी, जगदीश स्वामी, रमेश प्रजापत, लक्ष्मीनारायण भादु, रामलाल जाखड़, गणेश पोटलिया, सहिराम सायच, शेराराम चोटिया, शुभकरण पारीक, विशाल स्वामी, संजय पारीक, कैलाश पुरोहित, हरिराम गोदारा, नानुराम सेरडिया, सादिराम सेरडिया, लूणाराम बाना, ओमप्रकाश बाना, प्रभुदयाल जाखड़, रामचन्द्र गीला, पटवारी हरिराम सारण, हंसराज गोदारा, प्रहलाद सेरडिया, मोहनलाल ज्याणी, भंवरलाल जाखड़, हनुमान महिया, भगवानाराम महिया, हरलाल भाम्भू, संगीता बेनीवाल, दयानन्द बेनीवाल, श्यामसिंह सारण सहित अनेक महिलाओं एवं युवाओं ने भाग लिया, जिससे कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा।
छात्रावास अधीक्षक श्रवण कुमार भाम्भू ने सभी का आभार प्रकट किया और छात्रावास के भविष्य के लिए सभी से सहयोग की अपील की। यह समारोह श्रीडूंगरगढ़ में शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण घटना थी, जिसने समाज को एकजुट होकर विकास की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।