अंचल के कुछ गाँवों में सोमवार को हल्की वर्षा हुई, जबकि शहर में लोगों ने राहत की सांस ली। रविवार को हुई मूसलाधार बारिश से प्रभावित घरों में पानी निकालने का प्रयास जारी रहा। रात भर बादलों ने आसमान में डेरा जमाए रखा, जिससे वर्षा की आशंका बनी रही। मंगलवार की सुबह ओस की बूंदों ने मौसम में ठंडक घोल दी, गाड़ियों पर पानी की परत जमी हुई दिखाई दी। ग्रामीण इलाकों में ओस गिरने से धुंध छाई रही। सुबह बादल छाए रहे, लेकिन शहर में मौसम साफ़ हो गया और धूप खिल उठी।
मौसम विभाग ने आने वाले सप्ताह में प्रदेश भर में वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। 3 सितंबर को बीकानेर, चूरू सहित पश्चिमी राजस्थान में वर्षा की संभावना कम है। 4 सितंबर को बीकानेर में वर्षा की संभावना कम है, जबकि चूरू जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 5 सितंबर को जैसलमेर और गंगानगर को छोड़कर बाकी सभी जिलों में वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
रविवार की वर्षा के बाद सैकड़ों घरों में पानी घुसने से लोग परेशान रहे। पालिकाध्यक्ष मानमल शर्मा ने बताया कि पालिका के सफाईकर्मी लगातार पानी निकालने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। फ़ोन पर फ़ोन आ रहे थे और कर्मचारियों की अलग-अलग टीमें एक घर से पानी निकालकर दूसरे घर पहुँच रही थीं। बाज़ार से पानी उसी रात निकाल दिया गया।
स्वास्थ्य निरीक्षक हरीश गुर्जर ने बताया कि सोमवार को वाल्मीकि बस्ती और धोलिया रोड के घरों और गलियों से पानी निकाल दिया गया। बिग्गाबास में 90 प्रतिशत घरों और सड़कों से पानी हटा लिया गया है। वार्ड 31 और 32 में बूस्टर चालू हैं और वहाँ भी शत-प्रतिशत पानी की निकासी हो गई है। गुर्जर ने बताया कि मुख्य जोहड़ और कच्चा जोहड़, वाल्मीकि बस्ती पर बड़े पंप सेट लगाने के लिए बीकानेर डीडीआर को पत्र भेजा गया है।