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बीकानेर में ‘खेजड़ी बचाओ’ आंदोलन चौथे दिन खत्म, मंत्री के.के. विश्नोई ने जूस पिलाकर तुड़वाया अनशन

सरकार ने जोधपुर-बीकानेर संभाग में खेजड़ी कटाई पर लगाई रोक, पूरे राजस्थान में प्रतिबंध की मांग बरकरार

डूंगरगढ़ one 5 फरवरी, 2026 श्रीडूंगरगढ़। बीकानेर में चल रहा ‘खेजड़ी बचाओ’ आंदोलन चौथे दिन गुरुवार को समाप्त हो गया। कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता मंत्री केके विश्नोई ने अनशन पर बैठे लोगों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। सरकार की ओर से जोधपुर और बीकानेर संभाग में खेजड़ी की कटाई पर रोक लगाने का आश्वासन दिया गया है।

हालांकि आंदोलन में अन्य संभागों से आए लोगों ने इस फैसले को अधूरा बताते हुए कहा कि खेजड़ी राजस्थान का राज्य वृक्ष है, इसलिए पूरे प्रदेश में इसकी कटाई पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

अनशन स्थल पर पहुंचते ही बढ़ा तनाव

गुरुवार सुबह करीब 11 बजे मंत्री के.के. विश्नोई और राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत बिश्नोई अनशन स्थल बिश्नोई धर्मशाला पहुंचे। मंच पर संबोधन के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। आंदोलनकारियों ने मंत्री के हाथ से माइक तक ले लिया।

मंत्री ने कहा- “आप अनशन तोड़ दीजिए, सरकार लिखित में आश्वासन दे देगी।” इस पर मंच पर मौजूद संतों ने बिना लिखित आश्वासन के अनशन समाप्त करने से इनकार कर दिया।

संत सरजूदास ने कहा- सीधा बताइए, लिखित में देंगे या नहीं

मंत्री के संबोधन के दौरान संत सरजूदास बीच में खड़े हो गए। उन्होंने कहा, “इधर-उधर की बात मत कीजिए। साफ-साफ बताइए, लिखित में देंगे या नहीं। अगर नहीं देंगे तो हम अनशन पर बैठे रहेंगे।”

इसके बाद मंत्री केके विश्नोई ने लिखित आश्वासन देने की सहमति जताई, जिसके बाद अनशन समाप्त कराया गया।

फलोदी विधायक के बयान पर भड़के आंदोलनकारी

इस दौरान फलोदी विधायक पब्बाराम विश्नोई ने अनशन तोड़ने की अपील की, जिस पर आंदोलनकारी भड़क गए। उन्होंने लिखित आश्वासन की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

विवाद तब और बढ़ गया जब विधायक ने कहा, “अगर किसी की जान को नुकसान हुआ तो आपका, हमारा और सबका मुंह खराब होगा।” इस बयान से आंदोलनकारी नाराज हो गए और विधायक को बैठने के लिए कह दिया।

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