श्रीडूंगरगढ़ ONE 6 फरवरी 2026। अपने कर्मों का विचार करें क्योंकि कर्म का फल भोगना ही पड़ेगा, कर्म फल पीछा नहीं छोड़ते, ये बात गांव ऊपनी में मोहनी देवी गोदारा द्वारा आयोजित भागवत कथा में कथावाचक शंकरदास जी महाराज ने कही। महाराज ने कथा के पांचवे दिन नरसिंह अवतार, गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन, कच्छप अवतार, गंगा के धरती पर अवतरण, रामावतार कथा के अनेक प्रसंग सुनाए। उन्होंने परिवार में सेवा व सम्मान के साथ रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने सांप जैसे मित्रों से सावधान रहने की बात कहते हुए संसार को सुख का साथी बताया। कथावाचक ने भव्य आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि भगवान की कृपा हो, तभी ऐसे धार्मिक अनुष्ठान होते है। पांडाल में हर्षोल्लास के साथ नंदोत्सव मनाया गया। पांडाल को गुब्बारों से सजाया गया और पालने में भगवान कृष्ण की झांकी सजाई गई। मटकी फोड़ झांकी ने मटकी फोड प्रसंग का मंचन किया गया। पांडाल में उपस्थित सैंकड़ो श्रद्धालु कृष्ण जन्मोत्सव में झूम उठे और खूब जयकारे लगाए गए। सभी को नंदोत्सव की बधाइयां बांटी गई। गौसेवा में दानदाताओं ने सहयोग दिया।
अध्यात्म जीवन की नींव है- सूरजनाथ जी।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। कथा के पांचवे दिन जसनाथजी आसन पंचाल धाम से महंत सूरजनाथ जी भी कथा में शामिल हुए। महंत जी ने सारगर्भित प्रवचन देते हुए श्रद्धालुओं को अध्यात्म की शरण में रहने व धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष के लिए संयमित जीवन जीने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जीवन में ज्ञान के उदय का समय है, तो कथा श्रवण का अवसर आया है। महंतजी ने कहा कि अध्यात्म जीवन की नींव है, इससे संस्कारों का निर्माण होता है। सनातन संस्कृति में विरोध है ही नहीं यह तो आनंद, उत्सव की संस्कृति है। जो मन की विश्रांति व क्लेश का नाश करती है। उन्होंने कहा कि जसनाथजी महाराज ने सामाजिक समरसता व सद्गृहस्थ जीवन की प्रेरणा दी और सभी गृहस्थियों से 24 घंटे में एक बार भाव से भगवान का नाम लेने की अपील की।
अतिथियों का किया सम्मान।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। भागवत कथा में पांचवे दिन पहुंचे सभी अतिथियों का स्वागत सम्मान किया गया। कथा में जसनाथजी आसन पंचाल धाम के महंत सूरजनाथ जी महाराज, पालोजी महाराज पूनरासर के महंत प्रेमनाथ जी महाराज, पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा, रामनगर के सरपंच व रालोपा प्रदेश मंत्री विजयपाल बेनीवाल, डूंगर कॉलेज के पूर्व अशोक बुढ़िया, हंसेरा सरपंच ओमप्रकाश, पूनरासर सरपंच माननाथ सिद्ध, भारत तिब्बत सहयोग मंच के जिला संयोजक रामकिशन सिद्ध, रूस्तम धोरा ओरण ट्रस्ट के अध्यक्ष पोकरनाथ डांगा, मंत्री जिज्ञासु सिद्ध, श्रीदेव जसनाथ सिद्धाश्रम सेवा समिति अध्यक्ष माननाथ महिया, तहसीलदार रामचंद्रनाथ, पूनरासर के पूर्व सरपंच मुरलीनाथ, जोगलिया के पूर्व सरपंच मोहननाथ, दुसारना के पूर्व सरपंच भंवरलाल, अग्नि नृत्य कलाकार प्रह्लादनाथ पहुंचे। सभी अतिथियों को आयोजक परिवार ने साफा पहना कर स्वागत किया और महाराज ने दुपट्टा पहना कर सम्मान दिया।