श्रीडूंगरगढ़ ONE 5 फरवरी 2026। गांव ऊपनी में मोहनीदेवी परिवार द्वारा आयोजित भागवत कथा में गुरूवार को चौथे दिन श्रद्धालुओं से पांडाल भर गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण करने पहुंचे व भजनों पर झूमते हुए जयकारे भी लगाए। कथावाचक संत शंकरदास जी महाराज ने सत्संग के बिना विवेक नहीं आने की बात कहते हुए सांख्य दर्शन का विस्तार से उल्लेख किया। महाराज ने नाशवान वस्तु, धन, पद के लिए आस्था नहीं रखकर भगवान के नाम के प्रति आस्था रखने का संदेश दिया। महाराज ने समय का दुरूपयोग नहीं करने, गृहस्थ आश्रम में प्रेमपूर्वक व्यवहार करने, गौसेवा करने की प्रेरणा दी। महाराज ने दहेज के लालच का त्याग करने व कन्या के दान को सबसे बड़ा दान बताया। कथा के दौरान गुरूवार को हंसोजी धाम से परमहंस सोमनाथ जी महाराज पहुंचे और श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए भगवान की भक्ति करने का संदेश दिया। संत ने भगवान का नाम और प्राणी मात्र की सेवा करने का भाव जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
आयोजक परिवार ने उत्साह व उल्लास के साथ कथा में पहुंचे अतिथियों का साफा व दुपट्टा पहना कर स्वागत सम्मान किया। कथा में हंसोजी धाम महंत भंवरनाथजी, संत सोमनाथजी, सती माता प्यारलदे धाम मालासर के महंत रूघनाथजी, खेतनाथजी भरपालसर धाम के महंत नंदानाथजी का सान्निध्य रहा। आयोजक परिवार ने इनका मान सम्मान किया। वहीं कथा में गुरूवार को कांग्रेस के युवा नेता हरिराम बाना, लिखमादेसर सरपंच प्रतिनिधि राधेश्याम सिद्ध, ऊंटालड़ सरपंच धन्नानाथ, साधासर सरपंच रामचंद्रनाथ, राजस्थान जाट समाज महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष नीरू चौधरी, पंचायत समिति सदस्य भींवनाथ व फुसनाथ, सिद्ध युवा महासभा के पूर्व अध्यक्ष बीरबलनाथ, अखिल भारतीय जसनाथी महासभा संस्था के अध्यक्ष नत्थूनाथ, सिद्ध युवा महासभा संस्था बीकानेर के अध्यक्ष मुन्नानाथ सिद्ध, कोषाध्यक्ष पवन सिद्ध, मंत्री विनोदनाथ, बहादूर नाथ जयपुर, लेखनाथ जयपुर, पूर्व सरपंच साधासर भंवरलाल तरड़, बीकमसरा के पूर्व सरपंच डूंगरनाथ, बरजांगसर के पूर्व सरंपच श्रवण सिद्ध सहित अनेक मौजिज लोग पहुंचे। सभी का आयोजक परिवार द्वारा सम्मान किया गया।