श्रीडूंगरगढ़, 2 सितंबर 2025। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के गांव कोटासर में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा माहौल है। यहाँ भोमियाजी दादोसा महाराज का पंच दिवसीय मेला दशमी के शुभ अवसर पर बड़े ही धूमधाम से शुरू हो गया है। मेले के पहले दिन ही आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।
मंदिर के पुजारी हरिदास जी ने मंगलवार की सुबह दिव्य ज्योत आरती की, और इस अवसर पर उन्होंने पूरे क्षेत्र में सुख और समृद्धि की कामना की। आरती के साथ ही मानो उत्सव का शंखनाद हो गया।
दुलचासर से एक विशाल पदयात्रा “दादोसा रो लाडलो संघ” के रूप में कोटासर पहुंची। गाजन माता मंदिर से निकले इस संघ में सैकड़ों पदयात्री शामिल थे, जो नाचते-गाते, भजनों में लीन, दादोसा महाराज के दरबार की ओर बढ़ रहे थे। पदयात्रियों ने जयकारों के साथ भोमियाजी दादोसा महाराज को नमन किया। गांव के लोगों ने पुष्प वर्षा कर पदयात्रियों का स्वागत किया, मानों आस्था और प्रेम का अद्भुत मिलन हो रहा था। संघ के सदस्यों ने बताया कि पिछले 15 सालों से वे हर साल दुलचासर से दादोसा महाराज के दर्शन के लिए पैदल यात्रा करते आ रहे हैं।
मेला समिति के प्रबंधक अगरसिंह पड़िहार ने बताया कि मेले के विधिवत प्रारंभ होने से एक दिन पहले भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। भजन संध्या में भागीरथ ओझा, ओम प्रकाश जाजड़ा, मास्टर देवीलाल और हनुमान दास जैसे प्रसिद्ध भजन कलाकारों ने अपनी मधुर वाणी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
बैंगलुरू में रहने वाले विमल कुमार छाजेड़ के परिवार ने बीती रात मंदिर परिसर में जागरण का आयोजन किया। छाजेड़ परिवार ने सुबह विशेष पूजा-अर्चना की और दादोसा महाराज को सवामणी का भोग लगाया। उन्होंने पदयात्रियों के लिए भंडारे का भी आयोजन किया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
मेले में राजेंद्र कुमार जोशी, ओमसिंह, लिखमीसर दिखनादा के उपसरपंच मोहन सिंह, हरिराम भादू, दुलचासर से नानूराम महिया समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और दादोसा महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में कोटासर गांव के सभी गणमान्य लोग शामिल हुए और युवाओं ने पदयात्रियों की सेवा और आयोजन की व्यवस्था में बढ़-चढ़कर सहयोग दिया।
यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामुदायिक एकता और सहयोग का भी सुंदर उदाहरण है। हर साल की तरह इस साल भी यह मेला लोगों को एक साथ ला रहा है, और उन्हें भक्ति और प्रेम के रंग में रंग रहा है।