गांव सुरजनसर में पिछले दो दिनों में लगभग एक दर्जन मकान धराशायी हो गए हैं, जिससे कई परिवार बेघर हो गए हैं। कोजूराम प्रजापत और बुधाराम नायक के मकान गिरने से उनके परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। वहीं, रेवंताराम मेघवाल का मकान भी पूरी तरह से गिर गया, जिससे परिवार के सदस्यों ने तो जैसे-तैसे अपनी जान बचाई, लेकिन घर का सारा सामान मलबे में दब गया। मुन्नी देवी शर्मा का मकान भी मलबे में तब्दील हो गया है, जिससे उनका परिवार अत्यंत परेशानी में है।
इसके अलावा, सुशील जाट, दीनदयाल जाट, मुन्नीराम शर्मा, ओमप्रकाश जाट, नंदलाल शर्मा, अंजू देवी शर्मा और गौरीशंकर जाट के मकान भी भारी बारिश के कारण गिर गए हैं। बेघर हुए परिवार या तो अपने रिश्तेदारों के घरों में शरण ले रहे हैं या फिर खुले में रहने को मजबूर हैं।
इस मुश्किल घड़ी में गांव के सरपंच ओमप्रकाश शर्मा पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए हैं। उन्होंने कोजूराम प्रजापत को रहने के लिए एक झोंपड़ी बनवाकर दी है। सरपंच गांव के प्रतिष्ठित लोगों के साथ मिलकर पीड़ितों की हर संभव मदद करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने पटवारी और प्रशासन को भी घटना की सूचना देकर जरूरतमंद परिवारों को मदद पहुंचाने की अपील की है।
सरपंच शर्मा ने ग्रामीणों से अपील की है कि जिन लोगों के मकान जर्जर हालत में हैं या जो पुराने हैं, वे उनमें न रहें और पंचायत भवन में आकर शरण लें। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत भवन सहित अन्य सरकारी भवनों में भी लोगों के रहने की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने लोगों से जानमाल की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी तरह का जोखिम न लें और अपने परिजनों के साथ सुरक्षित स्थानों पर रहें। सरपंच शर्मा ने उपखंड अधिकारी और विकास अधिकारी से गांव में सर्वे करवाकर पीड़ितों को उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि बेघर हुए परिवारों को फिर से अपने जीवन की शुरुआत करने में मदद मिल सके।