श्रीडूंगरगढ़, 19 अगस्त 2025। श्रीडूंगरगढ़ की साहित्यिक संस्था राष्ट्रभाषा हिंदी प्रचार समिति ने हिंदी साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिए जाने वाले विभिन्न पुरस्कारों की घोषणा कर दी है।
संस्था के अध्यक्ष श्याम महर्षि और उपाध्यक्ष डॉ. पदन सैनी ने मंगलवार को बताया कि वर्ष 2025 का सर्वोच्च सम्मान, मलाराम माली स्मृति साहित्यश्री सम्मान, जोधपुर की साहित्यकार डॉ. पद्मजा शर्मा को उनके समग्र साहित्यिक योगदान के लिए प्रदान किया जाएगा।
संस्था के मंत्री और पुरस्कार समिति के संयोजक रवि पुरोहित के अनुसार, इस वर्ष देश के दस से अधिक राज्यों से प्रविष्टियां और प्रस्ताव प्राप्त हुए थे।
डॉ. नंदलाल महर्षि स्मृति हिन्दी सृजन पुरस्कार मध्यप्रदेश के प्रतिष्ठित कथाकार देवेन्द्र मिश्रा को उनके कथा संग्रह “डस्ट और अन्य कहानियां” के लिए दिया जाएगा। वहीं, श्री शिवप्रसाद सिखवाल स्मृति महिला लेखन पुरस्कार बीकानेर की साहित्यकार संगीता सेठी को उनके कहानी संग्रह “तुम कब आओगे” के लिए प्रदान किया जाएगा। बाल साहित्य के क्षेत्र में श्याम सुन्दर नांगला स्मृति बाल साहित्य पुरस्कार शाहजहांपुर के वरिष्ठ बाल साहित्यकार डॉ. नागेश पाण्डेय को उनकी प्रसिद्ध बाल कथा कृति ‘नटखट बाल कहानियां” के लिए दिया जाएगा।
पं. गोविंद वल्लभ पंत पुरस्कार से सम्मानित लेखक सुरेश ओझा के सौजन्य से शुरू किए गए इतर साहित्यिक लेखन क्षेत्र का सुरेश कंचन ओझा लेखन पुरस्कार भोपाल के कुमार सुरेश को उनकी कृति ‘संभवामि युगे युगे’ के लिए दिया जाएगा। इस वर्ष से प्रारंभ किए गए चन्द्रमोहन हाड़ा हिमकर स्मृति उपन्यास लेखन पुरस्कार सरदारशहर के उपन्यासकार विश्वनाथ तंवर की कृति ‘तपस्या’ के लिए प्रदान किया जाएगा।
आयोजन समन्वयक महावीर माली ने जानकारी दी कि सभी पुरस्कार 14 सितंबर, 2025 को श्रीडूंगरगढ़ में संस्था द्वारा आयोजित एक समारोह में प्रदान किए जाएंगे।
संस्था के कोषाध्यक्ष रामचन्द्र राठी के अनुसार, मलाराम माली स्मृति साहित्यश्री सम्मान में 21 हजार रुपए नकद और अन्य सभी चयनित कृतियों के रचनाकारों को ग्यारह हजार रूपये नकद राशि, सम्मान-पत्र, स्मृति-चिह्न और शॉल भेंट किए जाएंगे।
उपाध्यक्ष कवि सत्यदीप और महावीर सारस्वत ने बताया कि पुरस्कार वितरण के अलावा, संस्था के वार्षिकोत्सव के अवसर पर एक संगोष्ठी का भी आयोजन किया जाएगा।