प्रातःकाल, श्रीडूंगरगढ़ में आज का पंचांग, मानो एक प्राचीन ग्रंथ का पृष्ठ खुला हो, जीवन की लय और ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ तालमेल बिठाने का आह्वान कर रहा है।
शास्त्रों में निहित ज्ञान के अनुसार, तिथि का श्रवण माँ लक्ष्मी की कृपा का पात्र बनाता है, वार सुनने से आयु बढ़ती है, नक्षत्र पापों का नाश करता है, और योग प्रियजनों के साथ अटूट प्रेम का बंधन बनाता है। करण, मानो एक जादुई चाबी, सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने का वादा करता है।
आज, विक्रम संवत 2082 में भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। सूर्योदय 06:05 बजे हुआ, जो नई आशाओं का प्रतीक है, और सूर्यास्त 07:10 बजे होगा। दिन की अवधि 13 घंटे, 5 मिनट और 11 सेकंड की है।
आकाश में चंद्रमा वृषभ राशि में विराजमान है। वर्षा ऋतु अपने चरम पर है। पंचांग में शुभ और अशुभ समय का भी विवरण दिया गया है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:11 बजे से 01:03 बजे तक रहेगा। राहु काल 07:43 बजे से 09:21 बजे तक रहेगा, इसलिए इस दौरान शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है।
आज सोमवार है, भगवान शिव का दिन। मान्यता है कि इस दिन भगवान शंकर की आराधना और अभिषेक करने से चंद्रमा मजबूत होता है और काल सर्प दोष का प्रभाव कम होता है। सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है और वैवाहिक जीवन सुखमय होता है।
पंडित के अनुसार, जीवन में शुभ फल प्राप्त करने के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध और काले तिल चढ़ाने चाहिए। इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है और परिवार से रोग दूर रहते हैं। शिव पुराण के अचूक मंत्र “श्री शिवाय नमस्तुभ्यम्” का जाप करने से कष्ट दूर होते हैं और मनोवांछित फल मिलता है।
यह पंचांग, सिर्फ समय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने का एक मार्ग है। यह हमें याद दिलाता है कि हम ब्रह्मांड का एक हिस्सा हैं और हमारे कर्मों का प्रभाव हमारे जीवन पर पड़ता है।