कहते हैं कि गांव की मिट्टी से गहरा नाता होता है और यहां के लोग सुबह होते ही अपने खेतों की ओर निकल जाते हैं। कुछ ऐसा ही मुन्नीराम का परिवार भी कर रहा था। वे सुबह सवेरे अपने खेत पर काम करने चले गए थे, शायद यह सोचकर कि घर सुरक्षित है। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
जब परिवार पौने बारह बजे के करीब घर लौटा, तो उनके पैरों तले से ज़मीन खिसक गई। घर के ताले टूटे हुए थे और भीतर का मंज़र अस्त-व्यस्त था। मुन्नीराम ने बताया कि चोर लगभग ढाई लाख के गहने और 40 हजार रुपए नकद ले गए। ऐसा लगता है कि चोर मोटरसाइकिल पर आए थे और वारदात को अंजाम देने के बाद गांव में स्थित वन विभाग के क्षेत्र की ओर भाग गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। थानाधिकारी जितेंद्र स्वामी ने बताया कि एसआई मोहनलाल के नेतृत्व में एक पुलिस दल मौके पर पहुंचा और जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
इस घटना ने गांव में आक्रोश और निराशा का माहौल पैदा कर दिया है। सरपंच ओमप्रकाश शर्मा ने चोरों को पकड़ने और पीड़ित परिवार का सामान बरामद करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से गांव में चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल है। शर्मा ने पुलिस से गश्त बढ़ाने की भी अपील की है।
एक और दिलचस्प पहलू यह है कि उसी सुबह गांव तोलियासर में भी चोरी की वारदात हुई थी और उसके खाली बक्शे सुरजनसर की रोही में बरामद हुए हैं। इससे ग्रामीणों में यह आशंका है कि दोनों वारदातों में एक ही गिरोह शामिल हो सकता है।
इस घटना के बाद गांव में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। हर कोई इस बात से चिंतित है कि आखिर कब तक यह सिलसिला चलेगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही सच्चाई सामने आएगी। इस पूरी घटनाक्रम पर हमारी नज़र बनी हुई है और हम आपको लगातार अपडेट देते रहेंगे।