आज श्रीडूंगरगढ़ में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में दो सकारात्मक घटनाक्रम हुए, जो क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
श्रीडूंगरगढ़ उपखंड मुख्यालय पर किसान वर्ग की बेटियों के लिए शिक्षा एक सपना न रहे, बल्कि हकीकत बने, इस दिशा में संत कर्मा बाई बालिका छात्रावास का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। छात्रावास समिति की साप्ताहिक बैठक रविवार को छात्रावास परिसर में आयोजित की गई।
समिति के अध्यक्ष एडवोकेट श्यामसुंदर आर्य ने बताया कि इस नेक कार्य में समाज के हर वर्ग का सहयोग मिल रहा है। आज की बैठक में बींझासर गांव के सोहनलाल, नानूराम और मघाराम नैण ने अपनी माताजी अमरीदेवी की स्मृति में तीन लाख रुपए की लागत से एक कमरा बनवाने की घोषणा की। वहीं, बींझासर के ही खींयाराम भूकर ने भी एक लाख रुपए की सहयोग राशि छात्रावास प्रबंधन को प्रदान की।
इन उदार दानदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए समिति सदस्यों ने कहा कि ऐसे सहयोग से ही शिक्षा के क्षेत्र में यह सपना साकार हो सकेगा। इस अवसर पर नेताराम गोदारा, श्रवण कुमार भाम्भू, चुन्नाराम गोदारा, गंगाराम गोदारा, प्रेम कुमार भादू सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
वहीं, दूसरी ओर, श्रीडूंगरगढ़ के राजकीय चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। लंबे समय से खाली पड़े चर्म, यौन एवं कुष्ठ रोग विशेषज्ञ के पद पर डॉ. ताराचंद गोदारा ने पदभार ग्रहण कर लिया है।
डॉ. गोदारा पहले श्रीगंगानगर में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और पीबीएम से विशेषज्ञता प्राप्त करने के बाद श्रीडूंगरगढ़ में उनकी नियुक्ति हुई है। अब क्षेत्र के लोगों को चर्म रोगों जैसे दाद, खाज, खुजली, फोड़े-फुंसी और बाल झड़ने जैसी समस्याओं के लिए सरकारी अस्पताल में ही उपचार मिल सकेगा।
यह सेवा पहले उपलब्ध नहीं होने के कारण क्षेत्रवासियों को निजी अस्पतालों में महंगा इलाज करवाना पड़ता था। अब डॉ. गोदारा की नियुक्ति से क्षेत्र के रोगियों को राहत मिलेगी और उन्हें उचित स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो पाएंगी।