प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, थाने में पुलिस ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की और रात 9 बजे उन्हें छोड़ दिया। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है।
युवा नेता डॉ. विवेक माचरा और भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष पूनमचंद नैण के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एसपी कावेंद्र सिंह से मुलाकात की और घटना पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने श्रीडूंगरगढ़ थाने के दोषी कर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।
डॉ. माचरा ने आरोप लगाया कि मंगलवार को थाने में मुलाकात करने आए प्रतिनिधिमंडल के साथ भी बदसलूकी की गई। उन्होंने दोषी पुलिस कर्मियों को निलंबित करने की मांग की। पूनम नैण ने कहा कि पुलिस का यह रवैया तानाशाही पूर्ण है और इसे सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस बिना वारंट, एफआईआर या सबूत के किसी को भी उठाकर लाकर पीट कर छोड़ दे, यह स्वीकार्य नहीं है।
ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने एसपी के सामने कई आरोप लगाए। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि एसपी कावेंद्र सिंह ने मामले में संज्ञान लेते हुए तुरंत जांच करवाने और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
प्रतिनिधिमंडल ने एसपी कार्यालय से सीओ कार्यालय पहुंचकर मामले में आगे की कार्रवाई की मांग की है। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।