श्रीडूंगरगढ़ ONE 15 अप्रैल 2026। मंगलवार शाम कालूबास के राउप्रावि में युवा संगठन के युवाओं द्वारा बाबा साहेब अंबेडकर जयंती और ज्योतिबा फुले जयंती के अवसर पर भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में विधायक ताराचंद सारस्वत, श्रीविश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार, तहसीलदार श्रीवर्द्धन शर्मा, डॉ विवेक माचरा, राजेंद्र बापेऊ, रतनसिंह, सुनील तावणियां मंच पर रहें। समारोह में शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाली कुल 146 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। जिनमें बोर्ड कक्षाओं में श्रेष्ठ अंक लेने वाले 94 विद्यार्थी, 36 उच्च डिग्रीधारी युवा व युवतियां, राजकीय सेवा में चयनित 16 युवाओं सहित श्मशान भूमि में वर्षों से वृक्षारोपण कर पर्यावरण सेवा करने वाले बुजुर्ग भैराराम को विशेष सम्मान दिया गया।
इससे पहले अतिथियों द्वारा दोनों महापुरूषों के चित्रों के समक्ष पुष्पाजंलि अर्पित कर समारोह प्रारंभ किया गया। युवा मंडल सदस्यों द्वारा सभी अतिथियों को बाबा साहेब का चित्र उपहार में देकर सम्मान किया गया। विधायक ताराचंद सारस्वत ने भारतीय संविधान को अद्भूत व सर्वोत्तम संविधान बताते हुए कहा कि हमें गर्व है कि हमारे संविधान में जीव मात्र के कल्याण व संरक्षण का भाव निहित है। सारस्वत ने विद्यालय परिसर की पूरी चौकी पर टीन शेड निर्माण की घोषणा की। जिसका युवा संगठन के सदस्यों व मोहल्लेवासियों ने स्वागत किया। वहीं संगठन के युवाओं ने अंबेडकर भवन का निर्माण करवाने की मांग की, इस पर विधायक ने सकारात्मक प्रयास करने आश्वासन दिया। राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त रामगोपाल सुथार ने युवा शक्ति को बाबा साहेब के संघर्षों से प्रेरणा लेकर बाधाओं को अवसर में बदलने की बात कही। डॉ. विवेक माचरा ने युवा संगठन के इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ये समारोह बाबासाहेब डॉ भीमराव अंबेडकर के सपने को साकार करने का कार्य है। राजेंद्र मेघवाल बापेऊ ने बाबा साहेब के पेबैक टू सोसायटी के विचार की विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि सफलता का अर्थ केवल स्वयं की तरक्की नहीं, बल्कि समाज को साथ लेकर चलने से है। सुनील तावनियां ने युवाओं को साथ लेकर सामाजिक व्यवस्था सुधारने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का मंच संचालन शिक्षाविद् अनिल सोनी किया गया। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में युवा संगठन के सक्रिय सदस्यों ने भागीदारी निभाई। इस दौरान मोहल्ले के जगदीश चिनिया, हीरालाल मेघवाल, मंगतूराम कताला, बुधाराम साईं, सरवर हिंदुस्तानी, सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, बालिकाएं, युवा, बच्चे व बुजुर्गों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।