पंडित विष्णुदत्त शास्त्री के अनुसार, शास्त्रों में तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के पठन और श्रवण का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि तिथि सुनने से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है, वार सुनने से आयु बढ़ती है, नक्षत्र सुनने से पापों का नाश होता है, योग सुनने से प्रियजनों का प्रेम बना रहता है और करण सुनने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसलिए, जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति के लिए पंचांग देखना और पढ़ना हर मनुष्य के लिए कल्याणकारी माना गया है।
आज सूर्योदय सुबह 6 बजकर 11 मिनट पर हुआ और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 56 मिनट पर होगा। दिनमान लगभग 12 घंटे 45 मिनट का रहेगा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित है और अनुराधा नक्षत्र शाम 5 बजकर 28 मिनट तक रहेगा।
पंचांग के अनुसार, आज अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 8 मिनट से 12 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। वहीं, राहु काल शाम 5 बजकर 21 मिनट से 6 बजकर 56 मिनट तक रहेगा।
आज का दिन भगवान सूर्य देव की आराधना के लिए विशेष फलदायी है। मान्यता है कि रविवार के दिन सूर्य देव की पूजा करने से घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। उगते हुए सूर्य को तांबे के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्घ्य देना शुभ माना जाता है। आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना और यथासंभव मीठा भोजन करना भी कल्याणकारी है।
ज्योतिष में सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, इसलिए सूर्य देव को जल अर्पित करने से पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है।
इसके अतिरिक्त, रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन और आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते हैं, साहस और बल की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि भैरव जी के मंत्र “ॐ काल भैरवाय नमः” या “ॐ श्री भैरवाय नमः” की एक माला जाप करने से रोगों और अकाल मृत्यु से बचाव होता है और मनवांछित लाभ मिलता है।
आज राधाष्टमी भी है, जो राधा रानी के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है।