श्रीडूंगरगढ़ श्रीडूंगरगढ़ ONE 19 जनवरी 2026।श्री गणेशाय नम:शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।
आज का पंचांग
19-Jan-2026
Sri Dungargarh, India
तिथि प्रतिपदा 02:16 AM
नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 11:53 AM
करण किन्स्तुघ्ना, बव 01:53 PM
पक्ष शुक्ल
योग वज्र 08:44 PM
वार सोमवार
सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
सूर्योदय 07:26 AM
चन्द्रोदय 07:52 AM
चन्द्र राशि मकर
चन्द्र वास दक्षिण
सूर्यास्त 06:03 PM
चन्द्रास्त 06:33 PM
ऋतु शिशिर
हिन्दू मास एवं वर्ष
शक सम्वत 1947 विश्वावसु
काली सम्वत 5126
दिन काल 10:36:50
विक्रम सम्वत 2082
मास अमांत माघ
मास पूर्णिमांत माघ
शुभ और अशुभ समय
शुभ समय
अभिजीत 12:23 PM 01:05 PM
अशुभ समय
दुष्टमुहूर्त 01:05 PM 01:48 PM
कंटक 09:33 AM 10:16 AM
यमघण्ट 12:23 PM 01:05 PM
राहु काल 08:45 AM 10:05 AM
कुलिक 03:13 PM 03:55 PM
कालवेला / अर्द्धयाम 10:58 AM 11:41 AM
यमगण्ड 11:25 AM 12:44 PM
गुलिक काल 02:04 PM 03:23 PM
दिशा शूल
दिशा शूल पूर्व
चन्द्रबल और ताराबल
ताराबल
भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
चन्द्रबल
मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन
चोघडिया
अमृत 07:26 AM – 08:45 AM
काल 08:45 AM – 10:05 AM
शुभ 10:05 AM – 11:24 AM
रोग 11:24 AM – 12:44 PM
उद्वेग 12:44 PM – 02:04 PM
चल 02:04 PM – 03:23 PM
लाभ 03:23 PM – 04:43 PM
अमृत 04:43 PM – 06:03 PM
चल 06:03 PM – 07:43 PM
रोग 07:43 PM – 09:23 PM
काल 09:23 PM – 11:04 PM
लाभ 11:04 PM – 00:44 AM
उद्वेग 00:44 AM – 02:24 AM
शुभ 02:24 AM – 04:05 AM
अमृत 04:05 AM – 05:45 AM
चल 05:45 AM – 07:26 AM
लग्न तालिका
मकर चर
शुरू: 07:11 AM समाप्त: 08:53 AM
कुम्भ स्थिर
शुरू: 08:53 AM समाप्त: 10:22 AM
मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 10:22 AM समाप्त: 11:48 AM
मेष चर
शुरू: 11:48 AM समाप्त: 01:24 PM
वृषभ स्थिर
शुरू: 01:24 PM समाप्त: 03:20 PM
मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 03:20 PM समाप्त: 05:35 PM
कर्क चर
शुरू: 05:35 PM समाप्त: 07:56 PM
सिंह स्थिर
शुरू: 07:56 PM समाप्त: 10:13 PM
कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 10:13 PM समाप्त: 00:29 AM
तुला चर
शुरू: 00:29 AM समाप्त: 02:48 AM
वृश्चिक स्थिर
शुरू: 02:48 AM समाप्त: 05:07 AM
धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 05:07 AM समाप्त: 07:11
गुप्त नवरात्रि
आज से माघ माह के गुप्त नवरात्र शुरू हो रहे हैं. गुप्त नवरात्र रहस्यमय साधनाओं के लिए श्रेष्ठ माने जाते हैं. इस साल गुप्त नवरात्र 19 जनवरी से शुरू होकर 27 जनवरी तक रहने वाले हैं.
नवरात्र साल में कुल चार बार आते हैं. चैत्र और आश्विन मास के नवरात्र के अलावा दो बार गुप्त नवरात्र भी आते हैं. हालांकि चैत्र और आश्विन माह के नवरात्र अधिक प्रचलित हैं. जबकि माघ और आषाढ़ मास के गुप्त नवरात्र के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. गुप्त नवरात्र रहस्यमय साधनाओं के लिए के लिए किए जाते हैं. इस दौरान साधक शक्ति अर्जन और जीवन की बाधाओं से मुक्ति के लिए देवी को प्रसन्न करते हैं
जानिये घट स्थापना का शुभ मुहूर्त:-
प्रातः:- 07:26 – 08:45 अमृत वेला
दिवा:- 10:10-11:29 शुभ वेला
दिवा :- 12:23-01:05 अभिजीत वेला
सामान्य और गुप्त नवरात्र में अंतर
सामान्य नवरात्र में सात्विक पूजा के साथ-साथ तांत्रिक उपासना भी की जाती है. जबकि गुप्त नवरात्र में मुख्य रूप से तांत्रिक साधनाओं पर जोर रहता है. गुप्त नवरात्र के दौरान पूजा-पाठ का अधिक प्रचार नहीं किया जाता है और साधना को निजी व गोपनीय रखा जाता है. मान्यता है कि जितनी अधिक साधना गुप्त रखी जाती है, उतनी ही अधिक सिद्धि और सफलता प्राप्त होती है.
पण्डित श्रीडूंगरगढ़ ONE