श्रीडूंगरगढ़, 3 सितंबर, 2025। ईद का मुबारक महीना अपने साथ लाता है जकात का पाक अहसास, जो मुस्लिम परिवारों में सदियों से गरीब और जरूरतमंदों की मदद का जरिया रहा है। यह न केवल धन की शुद्धि का प्रतीक है, बल्कि इंसानियत की खिदमत का भी एक अटूट बंधन है।
इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए, श्रीडूंगरगढ़ के मुस्लिम समुदाय ने एक अनूठी पहल की है। जकात के साथ-साथ रक्तदान की परंपरा ने यहाँ एक नया रंग भर दिया है। यह परंपरा धीरे-धीरे फल-फूल रही है और अब तीसरे विशाल रक्तदान शिविर के आयोजन की तैयारियां ज़ोरों पर हैं।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम वेलफेयर ट्रस्ट और इमाम हुसैन फिक्र ए मिल्लत सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में यह शिविर 11 सितंबर को जामा मस्जिद ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। ट्रस्ट के स्वयंसेवक शिविर के प्रचार-प्रसार में जी-जान से जुटे हैं।
सोसायटी के सदस्यों का कहना है कि वक्त का हर लम्हा और रक्त का हर कण कीमती है। उन्होंने लोगों से बढ़-चढ़कर रक्तदान करने की अपील की है। मुस्लिम समुदाय के सभी सम्मानित सदस्य शिविर की व्यवस्थाओं में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं और अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
यह पहल न केवल श्रीडूंगरगढ़ में, बल्कि पूरे समाज में एक मिसाल कायम कर रही है। यह दिखाती है कि इंसानियत की सेवा किसी एक समुदाय या धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर उस व्यक्ति का कर्तव्य है जिसके दिल में दूसरों के लिए दर्द और मदद करने की भावना है। यह ईद, जकात और रक्तदान का यह अनूठा संगम श्रीडूंगरगढ़ के लोगों को एक साथ लाता है और समाज में भाईचारे और एकता का संदेश फैलाता है।