श्रीडूंगरगढ़, 30 अगस्त 2025। श्रीडूंगरगढ़ में आगामी 1 सितंबर को वीर तेजाजी का जागरण आयोजित होने जा रहा है, जिसकी तैयारी ज़ोरों पर है। इस बार का आयोजन ऐतिहासिक होने की उम्मीद है, जिसमें हर गांव से श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया जा रहा है।
शनिवार को वीर तेजा मंदिर धर्मशाला में एक तैयारी बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। वीर तेजा मंदिर धर्मशाला ट्रस्ट के अध्यक्ष मंगलाराम गोदारा ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए युवाओं को इस आयोजन से जुड़ने और इसे सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल भक्ति का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता का भी संदेश देगा।
बैठक में गांवों में प्रचार वाहन भेजकर हर घर में निमंत्रण पहुंचाने, मंदिर प्रांगण में बने हॉल को सुसज्जित करने और एयर कंडीशनिंग की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही मंदिर प्रांगण में मरम्मत कार्य कराने पर भी सहमति बनी।
बैठक में उपस्थित छात्रावास समिति अध्यक्ष श्यामसुंदर आर्य, भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष पुनमचंद नैण, क्रय विक्रय सहकारी समिति अध्यक्ष तुलछीराम गोदारा, मास्टर कोडाराम भादू, मास्टर प्रभूराम बाना समेत कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार व्यक्त किए। सभी ने धर्मशाला प्रांगण को सामाजिक एकता और विकास का केंद्र बताते हुए सम्पूर्ण समाज को इससे जुड़ने का आह्वान किया। चांदराम चाहर ने आभार व्यक्त करते हुए सभी से मेले में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की।
मंदिर के हॉल को सुसज्जित करने और एयर कंडीशनिंग की व्यवस्था करने के लिए कई लोगों ने उदारतापूर्वक दान करने की घोषणा की। मास्टर प्रभुराम बाना, पूनमचंद नैण, गोपालराम सायच, हुकमाराम जाखड़ बेनीसर, मूलाराम थोरी, नेताराम गोदारा बाड़ेला, भँवरलाल सारण, मुनीराम बाना, सरदाराराम बाना, सहीराम गोदारा लोडरा ने एक-एक एयर कंडीशनर लगवाने का संकल्प लिया। मास्टर कोडाराम भादू ने हॉल प्रांगण में मेटिंग का कार्य करवाने की जिम्मेदारी ली, जबकि हुकमाराम बाना (HRC) पर्दे लगाने का कार्य करेंगे। लखासर सरपंच प्रतिनिधि गोरधन खिलेरी ने धर्मशाला की मरम्मत के लिए 21000 रुपये का सहयोग देने की घोषणा की।
बैठक में युवा नेता हेतराम जाखड़, मंडी अध्यक्ष ओमप्रकाश भादू समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
यह आयोजन निश्चित रूप से श्रीडूंगरगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में भक्ति और सामाजिक समरसता का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करेगा।