श्रीडूंगरगढ़ ONE 21 जनवरी 2026। शहीद हेमू कालाणी को 19 वर्ष की अल्पायु में 21 जनवरी 1943 में अंग्रेजी हुकूमत ने फांसी पर लटका दिया। देश की आजादी के लिए जीवन का प्राणोत्सर्ग करने वाले हेमू कालाणी सिंधी समाज ही नहीं हर एक देशभक्त युवा के लिए क्रांति की मिसाल है। ये विचार व्यक्त करते हुए बुधवार सुबह शहीद हेमू कालाणी पार्क में उनकी मूर्ति पर माल्यापर्ण कर श्रद्धाजंलि देते हुए समाज के मौजिज लोगों ने कही। मीडिया प्रभारी रवि रिझवानी ने बताया कि बलिदान दिवस पर क्रांतिकारी हेमू कालानी को विनोद रिझवानी ने फुलों की माला पहनाई और शहीद को देशसेवा के लिए प्रेरणा बताया। इस दौरान मुकेश संगवानी ने शहीद हेमू कालाणी अमर रहें के नारे लगवाए व कार्यक्रम में सिंधी पंचायत के अध्यक्ष श्रवणकुमार गुरनाणी सहित समाज के अनेक मौजिज लोग शामिल रहें।