डूंगरगढ़ one 25 फरवरी, 2026 लूणकरणसर। केंद्र सरकार की नई मनरेगा नीति के विरोध में मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत जनसंवाद यात्रा का आयोजन किया गया। यह अभियान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार चलाया जा रहा है। अभियान के आठवें चरण के दूसरे दिन लूणकरणसर विधानसभा क्षेत्र में गांव मेहराणा की चौपाल से जनसंवाद यात्रा की शुरुआत हुई।
जनसंवाद यात्रा का नेतृत्व पीसीसी महासचिव व विधानसभा प्रत्याशी डॉ. राजेंद्र मूंड ने किया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी लूणकरणसर के तत्वाधान में आयोजित यह यात्रा मेहराणा से शुरू होकर जैसा, सोढ़वाली, डूडीवाली, सादेरा, धीरेरा, दुलमेरा, हंसेरा सहित कई गांवों की चौपालों तक पहुंची। चौपालों में बड़ी संख्या में ग्रामीण, मजदूर, महिलाएं, युवा और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए डॉ. राजेंद्र मूंड ने कहा कि महात्मा गांधी का सपना ऐसा भारत बनाने का था, जिसमें सबसे गरीब व्यक्ति खुद को देश के निर्माण का भागीदार समझे। मनरेगा कानून उसी सोच का परिणाम है। यह केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि गरीबों को अधिकार और सम्मान देने वाला कानून है। इसे कमजोर करने की कोशिश देश के गांवों के खिलाफ साजिश है।
उन्होंने 28 फरवरी को बीकानेर में गोविंद सिंह डोटासरा की उपस्थिति में आयोजित होने वाले पंचायती राज सम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।
ब्लॉक प्रवक्ता बंशी हुड्डा ने कहा कि मनरेगा जैसे कानून अधिकार आधारित व्यवस्था का प्रतीक हैं। अधिकार तभी मजबूत होते हैं जब वे जनता की चेतना और जीवन का हिस्सा बनें। इसके लिए सामाजिक और आर्थिक अन्याय के खिलाफ संघर्ष जरूरी है।
पंचायत समिति सदस्य रघुवीर चौधरी ने कहा कि मनरेगा से गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। यदि इसे खत्म किया गया तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार कांग्रेस सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाप्त करना चाहती है, जिसे कांग्रेस कभी सफल नहीं होने देगी।
इस दौरान धीरेरा मंडल अध्यक्ष दीनदयाल सारस्वत, सामाजिक कार्यकर्ता विनोद गोदारा, जिला देहात कांग्रेस सचिव सीताराम डूडी, जामसर मंडल अध्यक्ष वजीर शाह सहित कई नेताओं ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में सरपंच प्रतिनिधि चोरूराम डूडी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।