किसानों को मौसम विभाग के पूर्वानुमान से कुछ आस जगी थी। रविवार से मंगलवार तक बारिश की संभावना जताई गई थी, जिससे किसानों को उम्मीद थी कि उनकी प्यासी धरती तृप्त हो जाएगी। रविवार तो उम्मीद में बीता, लेकिन सोमवार को भी बादल तरसते रहे।
हालांकि, क्षेत्र के कुछ गांवों में सोमवार को हल्की बारिश हुई, जिससे फसलों को थोड़ी राहत मिली। लिखमादेसर, ठुकरियासर, पुंदलसर, ऊपनी आदि गांवों से पाठकों ने तस्वीरें भेजी हैं, जो बयां कर रही हैं कि बूंद-बूंद पानी के लिए धरती कैसे तरस रही है।
इन तस्वीरों में कहीं मुरझाती फसलें हैं, तो कहीं उम्मीद भरी निगाहों से आसमान की ओर ताकते किसान। हल्की बारिश से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन यह नाकाफी है। अब सबकी निगाहें आसमान पर टिकी हैं, और हर कोई यही दुआ कर रहा है कि बादल मेहरबान हों, ताकि अन्नदाता की मेहनत बेकार न जाए।