मृतकों की पहचान बाना निवासी 40 वर्षीय जगदीश पुत्र रामेश्वर नैण और श्रीडूंगरगढ़ के बिग्गाबास निवासी 38 वर्षीय आमीन पुत्र यासीन बहलीम के रूप में हुई है। बताया जाता है कि दोनों युवक खेत में किसी काम से गए थे, तभी वे दुर्भाग्यवश विद्युत लाइन की चपेट में आ गए।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तत्काल दोनों को श्रीडूंगरगढ़ के उपजिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्यवश दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही सीओ निकेत पारीक भी अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है।
यह घटना जगदीश नैण के परिवार के लिए एक और गहरा आघात लेकर आई है। लगभग पांच वर्ष पूर्व जगदीश के पिता एक सड़क दुर्घटना में अपनी जान गंवा चुके थे। पिछले वर्ष ही उनके एक छोटे भाई की स्प्रे की चपेट में आने से मृत्यु हो गई थी। तीन भाइयों में सबसे बड़े जगदीश पर ही परिवार की सभी जिम्मेदारियां थीं। उनकी असामयिक मृत्यु से उनके चार नाबालिग बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। छोटा भाई राकेश इस शोक की घड़ी में बुरी तरह से व्याकुल है। पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है, और गांव में मातम का माहौल है। ग्रामीण परिजनों को ढांढस बंधाने में जुटे हैं।
उधर, आमीन पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके चार बड़े भाई विदेश में रहते हैं, और परिवार की देखरेख की सारी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। आमीन पांच नाबालिग बेटों के पिता थे। उनकी मौत से बच्चों सहित पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गमगीन माहौल में परिवार के बच्चे ही उन्हें मिट्टी देंगे। परिजन बच्चों को ढांढस बंधा रहे हैं। घटना के बाद मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई है।