सुबह से ही गांव में एक अलग सा उत्साह था। युवा विकास समिति और ऊपनी के समस्त ग्रामवासियों ने मिलकर इस शिविर का आयोजन किया था। ऐसा लग रहा था, जैसे हर कोई इस नेक काम में अपना योगदान देने के लिए उत्सुक था।
गांव के युवा तो जैसे तैयार ही बैठे थे। उन्होंने बढ़-चढ़कर पीड़ित मानवता की सेवा के लिए रक्तदान किया। उनकी आँखों में एक चमक थी, एक ऐसा संतोष जो किसी जरूरतमंद की जान बचाने में मददगार बनने से मिलता है।
शिविर में कुल 125 यूनिट रक्त संग्रहित हुआ, जो वाकई एक बड़ी उपलब्धि है। आयोजकों ने सभी रक्तदाताओं का सम्मान किया, उन्हें धन्यवाद दिया कि वे इस महत्वपूर्ण कार्य में सहभागी बने।
गांव के युवाओं ने शिविर की व्यवस्थाओं में भी बढ़-चढ़कर अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि सब कुछ सुचारू रूप से चले, और हर किसी को आराम महसूस हो।
गांव के मौजिज लोगों ने भी समिति के इस सराहनीय कार्यक्रम की भरपूर सराहना की। उनका कहना था कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और एक-दूसरे की मदद करने की भावना को बढ़ावा देते हैं।
यह रक्तदान शिविर न केवल नेताजी सुभाषचंद्र बोस को श्रद्धांजलि थी, बल्कि यह ऊपनी गांव के लोगों की एकजुटता और सेवाभाव का भी प्रतीक था। यह एक ऐसा दिन था, जिसे गांव के लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।