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दो दिनों में उतारे 21 ट्रांसफारमर, पकाव पर आती फसलों पर संकट।

दरअसल, विद्युत विभाग ने क्षेत्र में बकाया वसूली और अवैध कनेक्शनों के खिलाफ एक अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान के तहत विभाग ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहा है, जिससे किसानों में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के अनुसार, पिछले दो दिनों में विभाग ने 21 से अधिक खेतों से ट्रांसफार्मर उतार लिए हैं। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को 7 बकाया और 4 अवैध ट्रांसफार्मर हटाए गए, जबकि शनिवार को खबर लिखे जाने तक 7 बकाया और 3 अवैध ट्रांसफार्मर उतारे जा चुके थे।

विद्युत विभाग के अधिशाषी अभियंता मैथी ने बताया कि यह अभियान पूरे डिस्कॉम क्षेत्र में चल रहा है। उच्च अधिकारियों से निर्देश मिले हैं कि एक लाख से अधिक राशि बकाया वाले कनेक्शनों से वसूली की जाए और अवैध कनेक्शन हटाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों ने अभियान को लगातार जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

इस कार्रवाई के दौरान पुलिस की गाड़ियां भी साथ में चल रही हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल है। बताया जा रहा है कि विभाग की टीम जोनल विजिलेंस एईएन, ग्रामीण विजिलेंस एईएन, स्थानीय एक्सईएन, एएईएन, जेईएन, टेक्निकल स्टॉफ और पुलिस के जवानों के साथ खेतों में पहुंच रही है। टीम में 6-7 गाड़ियों का काफिला होता है, जिसमें पुरुष और महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों और किसानों का विरोध भी देखने को मिल रहा है, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी के कारण विरोध दब जाता है।

जैसे-जैसे फसलें पकने के करीब आ रही हैं, विभाग की इस कार्रवाई के खिलाफ आवाजें भी उठने लगी हैं।

युवा नेता विवेक माचरा ने बिजली विभाग की कार्रवाई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने निगम अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों के ट्रांसफार्मर उतारने की यह कार्रवाई नियम विरुद्ध है। माचरा ने विभाग पर किसान विरोधी राजनीति करने और द्वेषतापूर्वक कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में फसल पकने के बाद ही बिजली के बिल भरे जाते हैं, लेकिन इस साल जानबूझकर किसानों की फसलों को बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है। माचरा ने स्थानीय विधायक पर भी निगम कर्मियों के नियम विरुद्ध कार्य पर चुप रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने बिजली विभाग के जिला स्तरीय उच्च अधिकारियों से बात करके ऐसे अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की है, जो गैरकानूनी कार्रवाई कर रहे हैं।

माचरा ने यह भी कहा कि भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 356 के तहत बिजली विभाग का कोई भी अधिकारी और कर्मचारी किसान या उपभोक्ता का कनेक्शन बिना पूर्व चेतावनी नोटिस के नहीं काट सकता है। उन्होंने ऐसे अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की मांग की है।

माचरा के बाद, पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया ने भी बिजली विभाग के इस अभियान पर रोष जताया है। उन्होंने कहा कि 19 अगस्त को किसान सभा रैली में किसानों के बकाया पर पेनल्टी और ब्याज दरों में छूट देने और फसल निकालने तक बिल भरने का समय देने की मांग की गई थी। विद्युत अधिकारियों ने इस पर मौखिक सहमति भी दी थी।

महिया ने कहा कि उनके परिवार में गम का माहौल है, और विद्युत विभाग इसका फायदा उठाकर किसानों पर अन्याय कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह किसी भी प्रकार से सहन नहीं किया जाएगा। वर्तमान में मूंगफली और अन्य फसलें पकने पर हैं और किसानों के पास पैसे फसल निकालने पर ही आएंगे। उन्होंने निगम से तत्काल कार्रवाई रोकने की मांग की है, अन्यथा किसानों को सड़कों पर उतरने और निगम अधिकारियों को उनके दफ्तरों से बाहर नहीं निकलने देने की चेतावनी दी है।

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