श्रीडूंगरगढ़, 30 अगस्त, 2025। श्रीडूंगरगढ़ में शनिवार का दिन तब गरमा गया जब राजकीय उपजिला चिकित्सालय और ट्रॉमा सेंटर के लिए आरक्षित भूमि पर क्रिकेट टूर्नामेंट शुरू हो गया। महाविद्यालय के सामने, हाईवे किनारे स्थित इस 7 बीघा ज़मीन पर एक समुदाय के लोगों ने प्रीमियर लीग का आयोजन कर दिया, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया।
जैसे ही इस आयोजन की खबर आसपास के लोगों तक पहुंची, विरोध शुरू हो गया। देखते ही देखते माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने आयोजकों से इस आयोजन के लिए अनुमति पत्र मांगा, लेकिन उनके पास कोई वैध अनुमति पत्र नहीं था। इसके बाद पुलिस ने टूर्नामेंट को रुकवा दिया और मैदान पर बनाई गई कंक्रीट की पिच को जेसीबी से उखड़वा दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए भीड़ को शांत किया और स्थिति को काबू में किया।
यह उल्लेखनीय है कि यह भूमि पहले एक साम्प्रदायिक विवाद का केंद्र रही थी। बाद में, दोनों समुदायों की सहमति से इसे अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर के निर्माण के लिए देने का निर्णय लिया गया था। नगर पालिका ने इस संबंध में पट्टा भी जारी कर दिया था।
हालांकि, आश्चर्य की बात है कि प्रशासन ने आज तक इस ज़मीन पर कब्ज़ा नहीं लिया है। सुरक्षा के भी कोई विशेष इंतज़ाम नहीं किए गए हैं। इसी कारण, यह भूमि असुरक्षित पड़ी है और तीन साल बाद फिर से विवाद का कारण बन गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार को तत्काल इस ज़मीन का कब्ज़ा लेना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। उनका मानना है कि प्रशासन की सक्रियता से ही इस भूमि का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सकता है और भविष्य में होने वाले विवादों को टाला जा सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और कब इस ज़मीन पर अस्पताल निर्माण का कार्य शुरू होता है।