विरोध की लहर गांव-गांव तक फैली हुई थी। प्रदर्शनकारियों ने कृषि कनेक्शनों पर 6 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग भी उठाई। महिया ने इस अवसर पर घोषणा की कि वे स्मार्ट मीटरों के खिलाफ गांव-गांव में संघर्ष समितियां गठित करेंगे। उनका कहना था कि एकजुट होकर और एक मजबूत रणनीति बनाकर ही इस चुनौती का सामना किया जा सकता है। उन्होंने आह्वान किया कि प्रत्येक घर से दस-दस रूपए का चंदा एकत्र किया जाए, ताकि संघर्ष के दौरान किसी पर भी मुकदमा होने पर समिति सामूहिक रूप से कानूनी लड़ाई लड़ सके और सहयोग कर सके।
महिया ने क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की अनियमितता पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने किसानों को बरसात न होने की स्थिति में पूरी बिजली देने की पुरजोर मांग की।
धरना लगभग 6 घंटे तक चला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने घुमचक्कर होते हुए एक्सईएन कार्यालय तक एक विशाल रैली निकाली। घुमचक्कर पर हाइवे पर बैठकर सांकेतिक चक्का जाम भी किया गया, जो विरोध की तीव्रता का प्रतीक था। प्रदर्शनकारी एक्सईएन कार्यालय में भी घुस गए और जमकर नारेबाजी की, जिससे वातावरण में तनाव व्याप्त हो गया।
हालांकि, स्थिति को संभालने के लिए एक्सईएन ने प्रदर्शनकारियों से धरने पर पहुंचकर बातचीत करने का आश्वासन दिया। कुछ ही देर में बिजली विभाग के अन्य अधिकारी भी धरना स्थल पर पहुंचे और वार्ता शुरू हुई। संघर्ष समिति के सदस्यों ने अपनी मांगों का ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा, जिसमें स्मार्ट मीटरों को लेकर उनकी आपत्तियों और क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की समस्याओं का विस्तृत विवरण था।
धरने को संबोधित करने वालों में मुखराम गोदारा, मेघाराम महिया, श्यामसुंदर आर्य, प्रभुराम बाना, लक्ष्मणराम खिलेरी, अशोक शर्मा, हरि सिखवाल, मंगूराम, नारायणनाथ, रामरतन बगड़िया, राजेंद्र जाखड़, मूलाराम नायक, भंवरलाल भुंवाल, सरपंच सोनियासर नंदलाल बिहाणी, सरपंच सुनील दुगरिया, शेखर रेगर, मुकेश सिद्ध, रामरतन बुड़िया, लिखमीसर पूर्व सरपंच सहीराम, सकनाथ सिद्ध, मुखराम गोदारा, मुखराम नैण, पेमाराम नायक, सरपंच सुनील मलिक, मामराज आंवला समंदसर, बीरबल पूनियां मोमासर, ओमप्रकाश दुसारना, हड़मानराम लिखमीसर जीएसएस अध्यक्ष, अमरगिरी पूनरासर, गौरव टाडा, गिरधारी भादू सूडसर, नत्थूनाथ मंडा, हरिराम सांवतसर, रामगोपाल बिश्नोई, जेठाराम लाखूसर, भंवरलाल बाना, जेठूसिंह पुरोहित भोजास, मेाहनराम चाहर जैसलसर जैसे प्रमुख नाम शामिल थे। इन सभी ने अपनी प्रभावशाली वाणी से विरोध को और मजबूत किया।
क्षेत्र में स्मार्ट मीटरों के खिलाफ विरोध की लहर अब और तेज होती जा रही है। सीपीएम सहित कांग्रेस भी खुलकर इसका विरोध कर रही है।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रशासन पूरी तरह से सतर्क रहा। पुलिस प्रशासन मौके पर मुस्तैद था और अनेक कार्मिक धरना स्थल से पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को पल-पल की जानकारी दे रहे थे। यह विरोध प्रदर्शन श्रीडूंगरगढ़ के लोगों की एकजुटता और अपनी मांगों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गया।