बीकानेर जिले ही नहीं, बल्कि हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और दिल्ली तक से भक्तजन बाबा के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करने पहुंचे हैं। अनुमान है कि शुक्रवार और शनिवार को मेले में भक्तों का सैलाब उमड़ेगा। आज दोपहर बाद से ही पैदल यात्रियों के जत्थे पूनरासर धाम की ओर बढ़ते दिखाई देंगे।
श्रद्धालु चूरमा बनाकर बाबा को भोग लगा रहे हैं और अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना कर रहे हैं। खेजड़ी बालाजी मंदिर में भी भक्तों का तांता लगा हुआ है, जहां वे मत्था टेक कर प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं की सेवा के लिए जयराम धर्मशाला में भंडारे का आयोजन किया गया है, जिसकी व्यवस्था पुजारी ट्रस्ट द्वारा की जा रही है। ट्रस्ट के मंत्री महावीर बोथरा ने बताया कि पुजारी परिवार के सदस्य, जो विभिन्न शहरों में रहते हैं, भी मेले की व्यवस्थाओं में सक्रिय रूप से सहयोग दे रहे हैं। श्रीपूनरासर हनुमानजी ट्रस्ट भी मेले की व्यवस्था में बढ़-चढ़कर योगदान दे रहा है। ट्रस्ट के सदस्यों ने मेले का निरीक्षण किया और सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए तत्पर दिखे।
प्रशासन ने मेले में आने वाली भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। बसों और अन्य वाहनों को अंजनी माता मंदिर तक ही जाने की अनुमति दी गई है। चौपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था भी वहीं की गई है, जबकि मोटरसाइकिलों के लिए गांव की पीएचसी में स्टैंड बनाया गया है। यात्रियों की सहायता के लिए मंदिर के मुख्य द्वार पर जिला प्रशासन द्वारा मेला कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
मेले के पहले दिन, सहायक पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) कैलाश सांधू ने पुलिस मित्र योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि मेले में 200 पुलिस मित्र सक्रिय रहेंगे और पुलिस की सहायता करेंगे। श्रीपूनरासर हनुमानजी ट्रस्ट ने इन पुलिस मित्रों के लिए कैप और टी-शर्ट की व्यवस्था की है। इस अवसर पर सीओ निकेत पारीक, सेरूणा एसएचओ पवन शर्मा और ग्राम विकास अधिकारी अशोक शर्मा भी उपस्थित थे। ट्रस्ट के सदस्यों जुगराज सिरोहिया, बजरंग पारीक, मोटूलाल हर्ष, रमेश व्यास और तुलसीदास ने पुलिस मित्रों का साफा, दुपट्टा और माला पहनाकर सम्मान किया।
श्रीडूंगरगढ़ के विधायक ताराचंद सारस्वत और उपखंड अधिकारी शुभम शर्मा ने मेले का अवलोकन किया। बारीदार पुजारी डालचंद बोथरा और पुजारी ट्रस्ट, श्री पूनरासर हनुमानजी ट्रस्ट के सदस्यों ने एसडीएम को मेले की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी। एसडीएम शर्मा ने शांति और सुरक्षा के लिए निर्धारित मानकों का पालन करने पर जोर दिया। इस दौरान भाजपा नेता, कार्यकर्ता और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
पूनरासर धाम में लगा यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और सामुदायिक सहयोग का भी एक अनूठा उदाहरण है।