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ईमित्र संचालक ने बैंक प्रबंधक के साथ मिल कर किसान को लगाई 12 लाख की चपत केसीसी के नाम पर की धोखाधड़ी, दो जनों के खिलाफ मामला दर्ज।

श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के गांव बापेऊ में एक किसान के साथ हुई धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। घटना वर्ष 2023 की है, लेकिन जानकारी मिलने पर किसान ने श्रीडूंगरगढ़ थाने में मामला दर्ज करवाया है।

थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, बापेऊ निवासी रिकताराम मेघवाल ने आरोप लगाया है कि गांव के ही नरेंद्र राजपुरोहित, जो कि श्रीडूंगरगढ़ में ईमित्र संचालक है, और एक बैंक के तत्कालीन प्रबंधक ने मिलकर केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) बनवाने के नाम पर उनके साथ लगभग 12 लाख रुपए की धोखाधड़ी की है।

परिवादी रिकताराम के अनुसार, वर्ष 2023 में उन्हें पैसों की आवश्यकता थी। इस पर उन्होंने नरेंद्र राजपुरोहित से संपर्क किया, जिसने बैंक प्रबंधक से अपनी पहचान होने की बात कही और केसीसी बनवाने में मदद करने का आश्वासन दिया। रिकताराम ने अपने संयुक्त खातेदारी खेत में अपने हिस्से की जमीन पर केसीसी बनवाने के लिए अपने कागजात नरेंद्र को सौंप दिए।

आरोप है कि बाद में नरेंद्र ने रिकताराम के परिवार के सदस्यों को सहमति के नाम पर बैंक बुलाया, जहाँ उनसे कई कागजों पर अंगूठे और हस्ताक्षर करवाए गए। उस समय रिकताराम को बताया गया कि उनके हिस्से की जमीन पर 1.5 लाख रुपए की केसीसी हुई है और उन्हें पैसे दे दिए गए।

लेकिन, फरवरी 2025 में जब बैंक से तकादा आया और 14 लाख रुपए की केसीसी बनने और ब्याज सहित 18 लाख रुपए बकाया होने की बात सामने आई, तो रिकताराम को धोखाधड़ी का पता चला। बैंक जाकर पता करने पर उन्हें ज्ञात हुआ कि केवल उनके हिस्से की भूमि पर ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार के हिस्से की भूमि पर केसीसी करवा दी गई थी, और पैसे नरेंद्र और तत्कालीन बैंक प्रबंधक ने हड़प लिए थे।

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच एएसआई पूर्णमल को सौंपी गई है। यह मामला किसानों को मिलने वाली सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को रेखांकित करता है। इस घटना से क्षेत्र के किसानों में चिंता व्याप्त है और वे प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

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