श्रीडूंगरगढ़ ONE 20 अप्रैल 2026। अक्षय तृतीया के लोकपर्व पर क्षेत्रवासियों ने परंपरागत रूप से घरों व खेतों में पूजन संपन्न कर खुशहाली की कामनाएं की। खेतों में खरीफ की फसल की बुवाई शुरू करने के लिए अक्षय तृतीया का दिन अति शुभ माना जाता है। आखातीज का पर्व कहीं आज तो कहीं रविवार को मनाया गया है। सुबह सूर्योदय से पहले किसानों ने खेतों में पहुंचकर कृषि यंत्रों का पूजन किया और सांकेतिक बुवाई भी की गई। किसानों ने अगली फसल के शगुन लिए व अच्छे शगुन मिलने की बात कही। वहीं महिलाओं ने घरों में नए मिट्टी के मटके में पानी भरकर पूजा अर्चना करते हुए घर परिवार में सुख समृद्धि की कामनाएं की। हर घर में खीच बनाया गया व इमली के पानी के साथ खीच खाने की परंपरा का निर्वहन किया गया। वहीं कई घरों में कन्या भोज के आयोजन भी किए गए। दान पुण्य को अक्षय करने के लिए दान पुण्य भी किया गया और खरीददारी करने के चलते बाजारों में भी रौनक रही। विभिन्न प्रतिष्ठानों की शुरूआत भी नए दिन की गई है।