बीते सोमवार को यह यात्रा सातलेरा गांव पहुंची, जहां ग्रामीणों ने गहरी आस्था और प्रेम से इसका स्वागत किया। गांव में प्रवेश करते ही, बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का अभिनंदन किया। हर चेहरे पर श्रद्धा और उत्सुकता का भाव था, मानो एक दिव्य ज्योति उनके हृदय में प्रवेश कर रही हो।
यात्रा का मार्ग भी बड़ा मनोहारी था। रामदेवजी मंदिर से शुरू होकर, ठाकुरजी मंदिर, हरीरामजी मंदिर और फिर माताजी मंदिर होते हुए, यह यात्रा गांव की मुख्य गलियों से गुजरी। हर मंदिर पर भक्तगण अपनी श्रद्धा के पुष्प अर्पित कर रहे थे, और वातावरण भक्तिमय संगीत से गुंजायमान था।
इस अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में, यात्रा के साथ चल रहे प्रतिनिधि ने ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने गायत्री चालीसा और गायत्री मंत्र के जप के अद्वितीय महत्व पर प्रकाश डाला। प्रतिनिधि ने वर्तमान समय में अनास्था और नैतिक मूल्यों में आ रही गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए, गहन चिंतन करने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह आम जनमानस में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करेगी और उन्हें जीवन के मूल्यों के प्रति जागरूक करेगी। यात्रा के दौरान लोगों में आपसी प्रेम और सौहार्द का भाव देखने को मिला, जो इस बात का प्रमाण है कि आध्यात्मिकता आज भी हमारे समाज को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है।