बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा हुई और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवैध कटों को बंद करवाने, टूटी तारबंदी और घूमचक्कर के पास गड्ढों को तुरंत ठीक करने के आदेश दिए गए। इस बात पर जोर दिया गया कि डिवाइडर को मजबूत सामग्री से बनाया जाए और बंद पड़ी सड़क लाइटों को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए। पेट्रोल पंप और होटलों के पास अवैध कट बनाने और पार्किंग करने वालों पर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
नगरपालिका को मुख्य बाजार, उपजिला अस्पताल और सर्विस रोड पर लगे अवैध ठेलों, वाहनों और अतिक्रमण को तुरंत हटाने के लिए कहा गया। इस कार्य में पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। सड़कों पर विचरण कर रहे आवारा गौवंश के गले में रेडियम बेल्ट लगाने और उन्हें आसपास की गौशालाओं में सुपुर्द करने के निर्देश दिए गए, ताकि रात के अंधेरे में वे आसानी से दिख सकें और दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
सार्वजनिक निर्माण विभाग को ग्रामीण और शहरी सड़कों के किनारों पर उगी कंटीली झाड़ियों को हटाने और टूटी सड़कों को तुरंत ठीक करने के आदेश दिए गए, जिससे राहगीरों को सुरक्षित रास्ता मिल सके। ओवरलोडेड, तेज रफ्तार, बिना सीट बेल्ट और हेलमेट के वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश जारी किए गए। शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले, बिना नंबर प्लेट, फिटनेस और बीमा रहित वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग को सक्रिय रहने के आदेश मिले।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग और आसपास के सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एम्बुलेंस और दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि हादसे की स्थिति में त्वरित इलाज मिल सके और घायलों की जान बचाई जा सके।
उपखंड अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभागों को मिलकर इस दिशा में गंभीर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह एक सामूहिक प्रयास है जिसमें हर नागरिक का सहयोग आवश्यक है।