श्रीडूंगरगढ़, 19 अगस्त, 2025। श्रीडूंगरगढ़ के सेसोमूं इलाके में इन दिनों एक अजीबोगरीब स्थिति बनी हुई है। यहाँ 11000 केवी की बिजली लाइन का तार टूटे हुए तीन दिन हो गए हैं, और किसान अपनी फसलों को सूखता हुआ देखने को मजबूर हैं। लेकिन इस तार को जोड़ने में आ रही मुश्किल की वजह कोई तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि एक गंभीर विवाद है।
दरअसल, यह तार सरकारी भूमि पर स्थित है, जिस पर कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है। सूत्रों के अनुसार, जब बिजली विभाग की एफ पार्टी तार जोड़ने के लिए मौके पर पहुंची, तो उन पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया गया। विभागीय गाड़ी के शीशे तक तोड़ दिए गए, जिसके बाद कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए पीछे हटने को मजबूर हो गए।
बिजली विभाग के सहायक अभियंता (एईएन) चंद्रेश यादव ने बताया कि बिना पुलिस सुरक्षा के मौके पर काम करना संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उन्हें सुरक्षा नहीं मिलेगी, तब तक तार को नहीं जोड़ा जा सकता।
इस घटना का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। लगभग 25 ट्यूबवेल बंद हो गए हैं, जिससे खेतों में खड़ी फसलें सूखने लगी हैं। सबसे ज्यादा नुकसान मूंगफली की फसल को हो रहा है, जिसे सिंचाई की सख्त जरूरत है। किसान अपनी आंखों के सामने अपनी मेहनत को बर्बाद होते हुए देख रहे हैं।
किसानों का आरोप है कि कब्जाधारी अपनी मनमानी कर रहे हैं और प्रशासन इस मामले में मूकदर्शक बना हुआ है। उनकी मांग है कि बिजली लाइन को तुरंत बहाल किया जाए, ताकि उनकी फसलें बच सकें। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और किसानों को इस मुश्किल से कैसे निजात दिलाता है। इस घटना ने एक बार फिर भूमि अतिक्रमण और उसके सामाजिक प्रभावों को उजागर किया है, जिस पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।